अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वैश्विक टैरिफ प्लान को खारिज किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में हलचल तेज हो गई है. इस फैसले के विरोध में ट्रंप ने पहले 10 प्रतिशत और फिर 15 प्रतिशत अस्थायी टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है, जिससे दुनिया भर के बाजारों में तनाव बढ़ गया है. यूरोपीय आयोग ने इस कदम पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका को साफ संदेश दिया है कि उसे पिछले साल हुए व्यापार समझौते की शर्तों का हर हाल में पालन करना होगा. आयोग ने वाशिंगटन से भविष्य की योजनाओं पर तुरंत स्पष्टीकरण मांगा है ताकि ट्रांसअटलांटिक व्यापार पर पड़ने वाले नकारात्मक असर को रोका जा सके.
पुराने समझौते की सीमाओं का सम्मान करने की मांग
यूरोपीय संघ के 27 देशों की ओर से व्यापार नीतियां बनाने वाले आयोग ने स्पष्ट किया है कि पिछले समझौते के तहत अधिकतर यूरोपीय उत्पादों पर टैरिफ की अधिकतम सीमा 15 प्रतिशत तय की गई थी. आयोग का कहना है कि इस सीमा से ऊपर किया गया कोई भी इजाफा उन्हें मंजूर नहीं होगा. समझौते के अनुसार, विमानों और उनके कलपुर्जों जैसे कई उत्पाद पूरी तरह से टैक्स फ्री श्रेणी में रखे गए थे, जबकि स्टील जैसे क्षेत्रों के लिए अलग और स्पष्ट नियम बनाए गए थे. यूरोपीय संघ ने चेतावनी दी है कि नियमों के बाहर जाकर लगाए गए टैक्स द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को बुरी तरह प्रभावित करेंगे.
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ग्लोबल मार्केट में बढ़ती अनिश्चितता पर जताई चिंता
यूरोपीय आयोग ने जोर देकर कहा है कि बिना किसी ठोस आधार और अनिश्चित तरीके से लागू किए गए टैरिफ वैश्विक बाजारों में भरोसे को कम करते हैं. इस तरह के अस्थिर कदम दोनों पक्षों के बीच आर्थिक स्थिरता के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकते हैं. आयोग के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय समझौतों का सम्मान करना व्यापारिक पारदर्शिता के लिए बेहद जरूरी है. अगर अमेरिका एकतरफा फैसले लेता है, तो इससे लंबे समय से चले आ रहे आपसी व्यापारिक विश्वास को गहरी चोट पहुंचेगी, जिसका खामियाजा दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं और वहां के उद्योगों को भुगतना पड़ सकता है.
ट्रेड कमिश्नर की सीधी बात और सख्त संदेश
इस संकट को सुलझाने के लिए ईयू ट्रेड कमिश्नर मारोस सेफकोविच ने अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि और कॉमर्स सेक्रेटरी से सीधी बातचीत की है. आयोग ने अपने रुख को दोहराते हुए साफ शब्दों में कहा है कि ‘समझौता मतलब समझौता’ होता है और दोनों पक्षों को आपसी सहमति का सम्मान करना चाहिए. यूरोपीय संघ ने अमेरिका को याद दिलाया है कि व्यापारिक संबंधों को बेहतर और पारदर्शी बनाए रखने के लिए नियमों का पालन करना अनिवार्य है. अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिकी प्रशासन यूरोपीय संघ की इस जायज मांग पर क्या प्रतिक्रिया देता है और वैश्विक व्यापार का भविष्य क्या मोड़ लेता है.
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