सूडान में फिर धंसी सोने की खदान, 11 लोगों की मौत, 30 से ज्यादा घायल और कई मलबे में दबे

सूडान में सोने की खदान फिर ढह गई है और इस बार 11 लोगों की जान चली गई है. इससे पहले गत 16 सितंबर को खदान ढहने से 82 लोगों की जान गई थी.

Sudan Mine Collapse

सूडान में फिर बड़ा हादसा हुआ है. पिछले सात दिनों में दूसरी बार सोने की खदान ढह गई है, जिसके मलबे में दबने से 11 लोगों की मौत हो गई है. 30 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। वहीं कई लोग मलबे के नीचे दबे हैं, जिनकी तलाश के लिए ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है. घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. अब्दुलहाय खरीफ अबाकार ने बताया कि लाल सागर राज्य के ओनी इलाके में खदान है, जो शनिवार रात को ही ढहने लगी थी। लेकिन मजदूर फिर भी काम करते रहे.

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बीती रात यह ढह गई और हादसा हो गया। लोगों की जान चली गई और कई लोग लापता हैं. सूडानी मिनरल रिसोर्सेज कंपनी के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 11 शव बरामद हुए हैं और 30 लोगों को बचाया गया है. कंपनी की ओर से हादसे पर शोक जताया गया है. मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की बात मालिकों से की जाएगी. हादसा पीड़ितों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी और घायलों के इलाज का खर्च भी कंपनी वहन करेगी.

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5 दिन पहले भी सोने की खदान धंसी थी

बता दें कि सूडान में 5 दिन पहले भी सोने की खदान धंसी थी. वह हादसा पश्चिमी क्षेत्र में हुआ था, जिसमें 82 लोगों की जान चली गई थी. जिस इलाके में हादसा हुआ था, अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) तैनात रहती हैं, जो पिछले तीन साल से सूडानी सेना के साथ जंग लड़ रही हैं. सूडान में सोने की बहुत खदानें हैं, जिनमें लाखों लोग काम करते हैं. लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन न करने के कारण अक्सर हादसों का शिकार होते हैं. बारिश के दिनों में भी काम होता है, जबकि खदानों में पानी भर जाता है. कुछ लोग ज्यादा पैसे कमाने के चक्कर में ओवरटाइम भी करते हैं, इसलिए अक्सर सोने की खदान ढह जाती हैं.

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3 साल से युद्ध की मार झेल रहा सूडान

अप्रैल 2023 से सूडान की सेना और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के बीच गृहयुद्ध चल रहा है. आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा मॉनिटरिंग के अनुसार, तीन साल में गृहयुद्ध में करीब 60,000 लोग मारे जा चुके हैं. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि सूडान में बहुत बड़े स्तर पर सोने की तस्करी होती है, जिससे गृहयुद्ध को वित्तपोषित किया जा रहा है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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