इस देश में शादी करने पर कपल को मिलते हैं 12 लाख रुपये, जानें क्यों सरकार ने चलाई ये पॉलिसी?

दक्षिण कोरिया में घटती पॉपुलेशन की समस्या से निपटने के लिए सरकार शादी करने वाले कपल को 12 लाख रुपये दे रही है। इसके अलावा, सरकार डेटिंग से लेकर हनीमून तक का खर्च भी दे रही है। क्या है पॉलिसी और कैसे मिल सकता है इसका फायदा, आइए जानें।

south korea offers rupees for marriage

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हर किसी की लाइफ में शादी का खास महत्व है। इसलिए जब कोई शादी करता है, तो लोग इसे धूमधाम से मनाना चाहते हैं। कई लोग ऐसे हैं, जो शादी के लिए कर्जा तक लेते हैं। अब चाहे किसी को प्री-वेडिंग, पोस्ट-वेडिंग शूट कराना हो, वो इसके लिए खर्चों में कोई कमी नहीं होने देते हैं। रिलेटिव और फ्रेंड्स के सामने अपनी एक अलग पहचान रखने के लिए लोग कुछ भी करते हैं। ये तो हो गई हमारे भारत की बात, लेकिन अब बात करते हैं साउथ कोरिया की, जहां के लोगों को शादी करने पर 12 लाख रुपये मिलते हैं। ऐसा क्यों है और किस लिए वहां की सरकार पैसे देती है? आइए जानें।

साउथ कोरिया में जनसंख्या एक बड़ी समस्या

साउथ कोरिया में घटती बर्थ रेट और पॉपुलेशन एक बड़ी समस्या बन गई है। अब सरकार ने पॉपुलेशन बढ़ाने के लिए एक नया प्लान शुरू किया है। शादी करने वाले कपल्स को सरकार लाखों रुपये देती है। सिर्फ इतनी ही नहीं शादी से पहले डेटिंग, फिर सगाई और हनीमून सारी चीजों का टोटल खर्च भी सरकार दे रही है। इस प्लान का मकसद देश की घटती जनसंख्या को बढ़ाना और युवाओं को शादी के लिए अट्रैक्ट करना है।

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कौन करता है प्रोग्राम का आयोजन?

साउथ कोरिया के बुसान में एक स्पेशल मैचमेकिंग प्रोग्राम ऑर्गेनाइज्ड हुआ। इस प्रोग्राम में पार्ट लेकर मैरिज करने वाले कपल को लगभग 12 लाख रुपये (14,700 Dollar) मिलते हैं। पिछले साल के प्रोग्राम में न्यू कपल को 31 लाख रुपये (38,000 Dollar) दिए गए थे। दुनिया में साउथ कोरिया सबसे कम बर्थ रेट वाला देश है। आपको बता दें, 2023 में जन्म दर 0.72 थी, जो 2024 में बढ़कर 0.75 हो गई। लेकिन वहां की सरकार के हिसाब से ये अभी भी काफी कम है।

जनसंख्या बढ़ाने का अनोखा प्रयास

साउथ कोरियाई सरकार के लिए पॉपुलेशन बढ़ाना बहुत जरूरी है। इसलिए वो नए-नए प्लान्स लेकर आ रही है। सरकार को उम्मीद है कि पैसे को देखकर हर कोई खिंचा चला आता है। इसी में युवा शादी जरूर करेंगे। एक गवर्नमेंट ऑफिसर ने बताया कि ये प्लान पॉपुलेशन पॉलिसी का पार्ट है। इसका मकसद घटती बर्थ रेट और रिजनल पॉपुलेशन में कमी जैसी समस्याओं को सॉल्व करना है।

जापान भी इसी समस्या ग्रस्त है

सिर्फ साउथ कोरिया ही नहीं, जापान भी पॉपुलेशन की समस्या से जूझ रहा है। जापान में बर्थ रेट 50 साल के काफी निचले लेवल पर पहुंच गई है। पहले साल में 50 लाख बच्चे पैदा होते थे, अब ये नंबर धीरे-धीरे घटकर 7 लाख 60 हजार रह गई है। सरकार का अनुमान है कि 2035 तक इस समस्या का सॉल्यूशन निकाला जा सकता है। इसलिए जापान भी युवाओं को शादी करने और बच्चे पैदा करने के लिए इनकरेज कर रहा है। इसके लिए जापान सरकार कई प्लान्स शुरू कर रही है।

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