अमेरिका और ईरान के बाद रूस और यूक्रेन में भी सीजफायर हो गया है। खुद रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने सीजफायर का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ऑर्थोडॉक्स ईस्टर के अवसर पर वे यूक्रेन को राहत दे रहे हैं। उन्होंने अपने सैनिकों को 2 दिन तक यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई न करने का आदेश दिया है। साथ ही यूक्रेन को हमला करने के लिए न उकसाने की सलाह भी दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यूक्रेन 2 दिन शांत रहेगा और रूस को ऑर्थोडॉक्स ईस्टर फेस्टिवल मनाने देगा।
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12 अप्रैल को रूस में ऑर्थोडॉक्स ईस्टर मनाया जाएगा
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सीजफायर का ऐलान करते हुए कहा कि ऑर्थोडॉक्स ईस्टर 12 अप्रैल 2026 दिन रविवार को मनाया जाएगा। इस मौके पर 11 अप्रैल को और 12 अप्रैल की शाम तक युद्धविराम रहेगा। उम्मीद है कि यूक्रेन भी सीजफायर का समर्थन और पालन करेगा। रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलोसोव के जरिए सैन्य कमांडर और जनरल स्टाफ के प्रमुख वैलेरी गेरासिमोव को निर्देश भिजवाया गया है कि वह इन 2 दिन के लिए यूक्रेन पर सभी दिशाओं में सैन्य कार्रवाई तुरंत रोक दे।
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सीजफायर के साथ सेना को सतर्क रहने का भी निर्देश
बता दें कि पुतिन ने अपनी सेना को सावधान रहने की सलाह भी दी है, ताकि दुश्मन की किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई या आक्रामण को विफल किया जा सके। हाल ही के दिनों में रूस और यूक्रेन ने एक दूसरे पर हमले तेज किए हैं। यूक्रेन ने रूस के बाल्टिक सागर स्थित प्रमोर्सक और ब्लैक-सी पोर्ट नोवोरोसिस्क पर हमला करके तेल ठिकानों को नुकसान पहुंचाया। पलटवार करते हुए रूस की सेना ने भी यूक्रेन पर ड्रोन से हमला किया और रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचाया।
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रूस और यूक्रेन की जंग फरवरी 2022 से चल रही
बता दें कि रूस और यूक्रेन की जंग फरवरी 2022 से चल रही है। वहीं 4 साल चली जंग में अब तक 10 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। यूक्रेनी में मृतकों की संख्या 2.5 से 3 लाख हो गई है। रूस ने यूक्रेन के लुहांस्क पर पूर्ण नियंत्रण का दावा ठोका है। वहीं यूक्रेन डोनबास इलाके को छोड़ने को तैयार नहीं है। दूसरी ओर, यूक्रेन पर हमला करने का रूस का मकसद यूक्रेन को NATO का सदस्य बनने से रोकना है, लेकिन यूक्रेन इस जिद को भी छोड़ने के लिए तैयार नहीं है।