कतर में एक बड़ा मिलिट्री हेलीकॉप्टर हादसा हुआ, जिसमें सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई. ये दुर्घटना कतर के समुद्री इलाके में उस समय हुई जब हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग मिशन पर था. इस हादसे ने कतर और तुर्की दोनों देशों को झकझोर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये हेलीकॉप्टर कतर सशस्त्र बलों का था और वो रूटीन ट्रेनिंग एक्टिविटी के दौरान उड़ान भर रहा था. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आ गई, जिसकी वजह से वो समुद्र में गिर गया. इस हेलीकॉप्टर में कुल 7 लोग सवार थे और सभी की मौत हो गई. मृतकों में 4 कतर के सैन्य कर्मी, 1 तुर्की का सैनिक और तुर्की की रक्षा कंपनी ASELSAN के 2 तकनीकी कर्मचारी शामिल हैं.

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तुर्की ने हादसे पर जताया दुख

हादसे के तुरंत बाद कतर की रेस्क्यू टीमों ने रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन शुरू किया. समुद्र में गिरे हेलीकॉप्टर के मलबे को ढूंढने के लिए स्पेशल टीमों को लगाया गया. बाद में सभी शवों को बरामद कर लिया गया. रिपोर्ट्स में ये भी बताया गया है कि ये उड़ान कतर और तुर्की के संयुक्त सैन्य सहयोग कार्यक्रम के तहत की जा रही थी. दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग लंबे समय से चल रहा है और इस मिशन का मकसद मिलिट्री कोर्डिनेशन को मजबूत करना था. तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है. मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि ये एक दुखद दुर्घटना है और इसमें जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी गई है. साथ ही उनके परिवारों के प्रति संवेदना जाहिर की है.

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हादसे पर उठा सवाल

रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि मृतकों में कतर सशस्त्र बलों के चार जवान, तुर्की सशस्त्र बलों का एक सदस्य और एसेलसन के दो तकनीशियन शामिल थे. कतर सरकार ने भी हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं. अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी खराबी को हादसे की वजह माना जा रहा है, लेकिन आखिरी निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा. इस घटना ने एक बार फिर ये सवाल खड़ा कर दिया है कि सैन्य उड़ानों में सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की जरूरत है. हालांकि, कतर और तुर्की दोनों ने साफ किया है कि उनके रक्षा सहयोग कार्यक्रम पर इस हादसे का कोई असर नहीं पड़ेगा और संयुक्त मिशन जारी रहेंगे.

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