पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) के तथाकथित प्रधानमंत्री फ़ैसल मुमताज़ राठौर ने शुक्रवार को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ की आलोचना की. उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि आसिफ़ ने उस इलाके के लोगों की पहचान को बिना मांगे ही मान्यता दे दी थी. सोशल मीडिया पर ये बातें आसिफ़ के उस हालिया टीवी इंटरव्यू के जवाब में कही गईं, जिसमें उन्होंने कहा था कि PoK के रावलकोट और मीरपुर के रहने वाले लोग असली कश्मीरी नहीं हैं. आसिफ़ के जवाब में राठौर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपनी पहचान के लिए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ़ या किसी और से किसी मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि उनके जैसे बुज़ुर्ग और उनकी हरकतें लोगों को करीब लाने के बजाय उनके बीच दूरियां पैदा कर रही हैं.

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राठौर ने आगे क्या कहा?

राठौर ने कहा कि अपनी गलती पर हुई आलोचना के बाद, अब वो आज़ाद जम्मू-कश्मीर के कामकाज में कमियां निकालकर मामले को संभालने की कोशिश कर रहे हैं. राठौर उस घटना का ज़िक्र कर रहे थे जिसमें आसिफ़ ने बाद में अपनी बात साफ़ करने की कोशिश की थी. आसिफ़ का तर्क था कि कश्मीरी पहचान जन्म प्रमाण-पत्रों से नहीं, बल्कि बरसों के संघर्ष और बलिदान से तय होती है. अपनी बात के बचाव में आसिफ़ ने PoK में कथित तौर पर प्रशासन की नाकामियों की ओर भी इशारा किया था. राठौर ने कहा कि वो अपने वरिष्ठ अधिकारियों से पूछें, वो उन्हें बता देंगे कि कितना अच्छा प्रशासन चलाया है. राठौर ने कहा कि उनके हमारे प्रशासन को बलि का बकरा बनाने के बजाय, सबसे ज़रूरी और साफ़ बात पर ध्यान देना और अपनी शुरुआती टिप्पणी के लिए माफ़ी मांगना ज़्यादा सम्मानजनक काम होगा.

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भारत ने भी ख्वाजा आसिफ़ को दिया था मुंहतोड़ जवाब

इधर, भारत ने इस हफ़्ते की शुरुआत में ख्वाजा आसिफ़ की हालिया भड़काऊ सैन्य धमकियों का कड़ा जवाब दिया. भारत ने इन बयानों को इस्लामाबाद की एक हताशा भरी कोशिश बताया, जिसका मकसद देश के अंदर के खराब हालात और मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन से ध्यान भटकाना था. नई दिल्ली का ये जवाब आसिफ़ की उस धमकी के कुछ ही दिनों बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर पाकिस्तान की जल सुरक्षा खतरे में पड़ी तो वह भारत के खिलाफ़ युद्ध छेड़ देंगे. इससे पहले, भारत ने कहा था कि सिंधु जल संधि को रोके रखने का उसका फ़ैसला बदला नहीं जाएगा. मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान, विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की टिप्पणियों के बारे में भारत ने रिपोर्ट देखी हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे बयान पाकिस्तान की अपनी नाकामियों को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान हटाने की हताशा भरी कोशिशें हैं. भारत इन मनगढ़ंत दावों को पूरी तरह से और पूरी सख्ती के साथ खारिज करता है.

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