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17000 फीट ऊंचाई, अचानक जहाज का इंजन बंद, तेजी से नीचे आया और खेत में बने गड्ढे में गिरा; मारे गए 166 लोग

Today History in Hindi: आज के दिन 44 साल पहले भीषण विमान हादसा हुआ था। जहाज हजारों फीट की ऊंचाई से नीचे गिरा और 166 लोग जिंदा जलकर मर गए। जहाज अचानक आसमान में ही रुक गया था। आइए जानते हैं कि कब और कैसे हुआ भीषण हादसा?

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Aeroflot Flight 4225 Crash

Aeroflot Flight 4225 Crash Memoir: डोमेस्टिक फ्लाइट थी, जहाज ने उड़ान भरी ही थी कि 17000 फीट की ऊंचाई पर अचानक जहाज की स्पीड कम हो गई और सभी इंजन बंद हो गए। इसके बाद जहाज मुंह के बल तेजी से नीचे आया। गर्म हवाओं के दबाव से उसमें आग लग गई और खेत की जमीन से टकराकर गड्ढे में गिर गया। हादसे में जहाज में सवार सभी 166 लोग जिंदा जलकर मर गए। हादसास्थल पर जहाज का मलबा, जली हुई लाशें और जला हुआ सामान मिला। सोवियत विमानन बोर्ड ने हादसे की जांच की तो पता चला कि हादसा विंडशीयर के कारण हुआ। पायलट ने कोई गलती नहीं की थी।

 

गर्म हवाओं के दबाव से बंद हुए इंजन

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हादसा आज से 44 साल पहले कजाकिस्तान में हुआ था। 8 जुलाई 1980 को एअरोफ्लोत फ्लाइट 4225 ने टुपोलेव TU-154बी-2 में उड़ान भरी थी। अल्मा अता एयरपोर्ट (अब अल्माटी) से टेकऑफ हुई फ्लाइट को सिम्फरोपोल एयरपोर्ट पर लैंड होना था। अल्मा अता में भीषण गर्मी पड़ रही थी और लू के थपेड़ों से लोग परेशान थे। जहाज अपनी पहली ऊंचाई पर गया ही थी कि चढ़ाई के दौरान गर्म हवाओं के दबाव से उसकी स्पीड अचानक कम हो गई। इसके कारण हवाई जहाज एयरपोर्ट से 5 किलोमीटर (3.1 मील; 2.7 नॉटिकल मील) से भी कम दूरी पर अचानक आसमान में ही रुक गया।

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हादसे का कारण गर्म हवाओं को माना गया

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही जहाज रुका, वह नाक के बल नीचे की ओर जाने लगा। पायलट ने उसे कंट्रोल करने की काफी कोशिश की, लेकिन वह एक गांव में बने खेत में गिर गया। जहाज में आग लगी और उसमें सवार 156 पैसेंजर्स और 10 क्रू मेंबर्स मारे गए। यह विमान हादसा कजाकिस्तान के इतिहास का सबसे भीषण विमान हादसा था। सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दिए, लेकिन हादसे का कारण पायलट की गलती, टेक्निकल फॉल्ट या कोई धमाका नहीं था, बल्कि गर्मी के मौसम में गर्म हवाओं के कारण जहाज क्रैश हो गया। हादसे में मारे गए लोगों के अवशेष उनके परिजनों को DNA टेस्ट के बाद सौंपे गए।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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