US Israel Attacks Iran: भारत समेत दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर महंगा हो सकता है। भारत में गैस सिलेंडर पहले ही महंगा है, लेकिन अब इसके दाम और बढ़ने की आशंका है। वहीं पेट्रोल-डीजल के रेटभी बढ़ सकते हैं। क्योंकि इजरायल ने ईरान में दुनिया के सबसे बड़े गैस प्लांट साउथ पार्स पर हमला किया है।
जवाबी कार्रवाई की धमकी देते हुए ईरान ने खाड़ी देशों में 5 तेल और गैस ठिकानों पर हमल करने की धमकी दी। ईरान की सेना सऊदी अरब की SAMREF रिफाइनरी और जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स, UAE के अल होसन गैस फील्ड और कतर की रास लाफान रिफाइनरी तथा मेसईद पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमले कर सकती है।
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कच्चे तेल के दाम 110 डॉलर तक पहुंचे
इजरायल के हमले के बाद कच्चे तेल और गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। हमले के बाद कच्चे तेल का दाम उछलकर करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ऑयल 109.91 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जो मंगलवार के रेट से 5% से ज्यादा है। वहीं ब्रिटेन में बेंचमार्क गैस प्राइस भी 6% बढ़कर 143.53 पेंस प्रति थर्म तक पहुंच गया, जो बाद में 140 पेंस से नीचे आ गया और यह खबर ग्लोबल मार्केट के लिए बहुत बुरी खबर है।
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साउथ पार्स में 75 प्रतिशत गैस का उत्पादन
मिडिल ईस्ट में अब एक दूसरे के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को खुलकर निशाना बनाया जाने रहा है। तेल और गैस प्लांट पर हमलों की शुरुआत बुधवार शाम को हुई, जब इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर मिसाइल दागी। साउथ पार्स वह प्लांट है, जहां से ईरान की 75% नेचुरल गैस उत्पादित होती है। यहीं से दुनिया को गैस सप्लाई होती है। बिजली ग्रिड को करीब 80% गैस इसी प्लांट से मिलती है, लेकिन इस पर हमले से ईरान में बिजली संकट गहरा सकता है।
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भारत में तेल-गैस कीमतों पर क्या होगा असर?
बता दें कि दुनिया के सबसे बड़े गैस प्लांट पर हमले से भारत में गैस की कीमतों पर सीधा और काफी असर पड़ने की संभावना है। 18 मार्च को अमेरिका-इजरायल हमलों में असालुयेह (बुशहर प्रांत) में गैस प्रोसेसिंग प्लांट पर हमला किया, जिससे गैस की पाइपलाइन में आग लग गई और गैस का उत्पादन रोकना पड़ा। इससे पहले ईरान ने कतर की रास लाफान और मेसाईड गैस प्लांट पर ड्रोन अटैक किया था। इससे दुनिया का सबसे बड़े लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) उत्पादक प्रभावित हुआ।
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दुनिया की लगभग 20% ग्लोबल LNG सप्लाई कतर के प्लांट से और 20 गैस सप्लाई ईरान के गैस प्लांट से होती है। भारत LNG की जरूरतों के लिए मुख्य रूप से कतर पर निर्भर है, लेकिन अगर कतर में गैस का उत्पादन रुका और होर्मुज स्ट्रेट से आवाजाही बाधित हुई तो भारत में LNG का संकट भी गहरा जाएगा। भारत हर साल अपनी जरूरत के लिए LNG का 1.4 करोड़ टन से ज्यादा आयात करता है और LPG का 80-85% गल्फ (कतर, सऊदी आदि अरब) से आता है।