पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एक बार फिर इंटरनेशनल लेवल पर अपनी 'बड़ी भूल' की वजह से चर्चा में हैं. इस बार मामला किसी भाषण का नहीं, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट का है. ईरान-अमेरिका तनाव के बीच शांति की अपील करने वाले शहबाज शरीफ ने गलती से एक ऐसा 'ड्राफ्ट' मैसेज पोस्ट कर दिया, जिससे यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या पाकिस्तान की कूटनीति का रिमोट कंट्रोल अमेरिका या इजरायल के हाथों में है.
क्या है पूरा विवाद?
मंगलवार को शहबाज शरीफ के आधिकारिक एक्स हैंडल से एक पोस्ट साझा किया गया. इस पोस्ट की शुरुआत में बड़े अक्षरों में लिखा था - 'Draft - Pakistan’s PM Message on X' हालांकि, एक मिनट के भीतर ही इस ट्वीट को एडिट कर दिया गया और 'Draft' वाला हिस्सा हटा दिया गया, लेकिन तब तक इंटरनेट की दुनिया में इसके स्क्रीनशॉट्स वायरल हो चुके थे.
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क्या ट्रंप की टीम ने स्क्रिप्ट किया था ट्वीट?
इस गलती ने एक गंभीर बहस को जन्म दे दिया है. 'ड्रॉप साइट' के संस्थापक रायन ग्रिम ने फोर्ब्स को दिए बयान में कहा कि इस पोस्ट के शहबाज शरीफ या उनके पाकिस्तानी स्टाफ द्वारा लिखे जाने की संभावना कम है. उन्होंने तर्क दिया कि कोई भी पाकिस्तानी अधिकारी अपने ही प्रधानमंत्री को 'Pakistan’s PM' कहकर संबोधित नहीं करेगा. शब्दों के चयन और लहजे को देखकर एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह ड्राफ्ट संभवतः अमेरिका या इजरायल में तैयार किया गया था और शहबाज शरीफ को सिर्फ इसे कॉपी-पेस्ट करने के निर्देश दिए गए थे.
सोशल मीडिया पर उड़ा मजाक
इस 'कॉपी-पेस्ट' वाली गलती के बाद इंटरनेट यूजर्स ने शहबाज शरीफ को आड़े हाथों लिया. एक यूजर ने लिखा, 'जब प्रधानमंत्री एक ट्वीट तक ठीक से पोस्ट नहीं कर सकते, तो वह देश कैसे चलाएंगे?' वहीं एक अन्य यूजर ने तंज कसते हुए कहा, 'शहबाज शरीफ देखिए कितने खुश हैं कि उन्होंने वही पोस्ट किया जो ट्रंप ने उन्हें करने को कहा था.' कई लोगों ने इसे 'अक्षम कूटनीति' और 'राष्ट्रीय शर्मिंदगी' करार दिया.
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क्या किया था पोस्ट?
इस विवादित ट्वीट में शहबाज शरीफ ने राष्ट्रपति ट्रंप से ईरान के खिलाफ अपनी समय सीमा को दो सप्ताह बढ़ाने का अनुरोध किया था, ताकि कूटनीति को मौका मिल सके. साथ ही उन्होंने 'ईरानी भाइयों' से होर्मुज स्ट्रेट खोलने की अपील की थी. लेकिन अब संदेश की भावना से ज्यादा उसके 'स्रोत' पर सवाल खड़े हो रहे हैं. फिलहाल, पाकिस्तान प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.