ईरान और अमेरिका युद्ध के बीच पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है। दोनों देशों की बीच सीजफायर की भूमिका निभाने का प्रयास करने वाले पाकिस्तान को अब दरकिनार कर दिया गया है। इस्लामाबाद में दो दौर की बातचीत फेल होने के बाद ईरान और अमेरिका का भरोसा पाकिस्तान से उठ गया है। अब अमेरिका ईरान से सीधे बातचीत कर रहा है।

अल जज़ीरा के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका अब पाकिस्तान में वार्ता करने के बजाय ईरान के साथ फोन पर बातचीत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। ईरान के साथ वार्ता में काफी सुधार हुआ है। वहीं ईरानी सांसद इब्राहिम रेज़ाई ने कहा कि पाकिस्तान ने मध्यस्थ के रूप में अपनी विश्वसनीयता खो दी है और वह अमेरिका के सामने झुक रहा है। हालांकि, इब्राहिम रेज़ाई ने यह भी कहा कि भले ही पाकिस्तान एक अच्छा मित्र और पड़ोसी है, लेकिन अविश्वास के कारण वह वार्ता के लिए उपयुक्त मध्यस्थ नहीं है।

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भारत और ईरान की भी हुई बात

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने बुधवार शाम को टेलीफोन पर बातचीत की। खबरों के अनुसार, दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर चर्चा की, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। बातचीत के दौरान, अराघची ने डॉ. जयशंकर को इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।

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ईरान के विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, वार्ता में युद्धविराम, द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्थिति से संबंधित नवीनतम घटनाक्रमों पर चर्चा हुई। दोनों देशों के नेताओं ने वर्तमान स्थिति के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया और भविष्य में आपसी संपर्क बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की।

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