Pakistan Elections 2024: पाकिस्तान में आज यानी 8 फरवरी को आम चुनाव जारी हैं। इस चुनाव पर भारत की भी निगाहें टिकी हुई हैं। यह चुनाव का परिणाम निर्धारित करेगा कि पड़ोसी मुल्क के साथ भारत के रिश्ते कैसे होंगे। पाकिस्तान में कुल 342 सीटें हैं, जिसमें से 272 सीटों पर चुनाव होता है, जबकि 70 सदस्यों को विशेष तरीके से चुना जाता है। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला इमरान खान (Imran Khan) की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ, नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज (PML-N) और बिलावल भुट्टो जरदारी (Bilawal Bhutto Zardari) की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के बीच है। इस चुनाव में तीन नेताओं पर सबकी नजर रहेगी। वे तीन नेता कौन-कौन हैं? आइए, जानते हैं…
इमरान खान पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री हैं। उन्हें 2022 में पीएम पद से हटा दिया गया था। वे इस बार कानूनी उलझनों के कारण चुनाव नहीं लड़ सकते। हालांकि, उनकी पार्टी चुनाव पर प्रभाव डाल सकती है। इमरान ने 2019 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने का मौका देने का आग्रह किया था। उन्होंने पुलवामा हमले में भी खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करने की बात कही थी। इमरान ने भारत के साथ रिश्तों को सुधारने पर बल दिया है। उन्होंने 2021 में युद्धविराम समझौते का स्वागत करते हुए कहा था कि बातचीत के जरिए ही मुद्दों का समाधान हो सकता है।
नवाज शरीफ को ‘द लॉयन ऑफ पंजाब’ भी कहा जाता है। वे इस बार प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं। उनका चौथी बार पीएम बनना लगभग तय माना जा रहा है। नवाज भारत के साथ रिश्तों को सुधारने में दिलचस्पी दिखाई है। उनकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज के घोषणा पत्र में वादा किया गया है कि अगर भारत सरकार कश्मीर में अनुच्छेद 370 को फिर से बहाल करेगी तो वह भारत के साथ संबंधों को सुधारने पर जोर देगा। हालांकि, शरीफ ने भारत की प्रगति और उसकी वैश्विक उपलब्धियों की जमकर तारीफ की है।
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बिलावल भुट्टो जरदारी पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बेटे हैं। उन्हें पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने पीएम पद का उम्मीदवार बनाया है। बेनजीर की 2007 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं, उनके नाना जुल्फिकार अली भुट्टो को तख्तापलट के जरिए सत्ता से हटा दिया गया है। इसके बाद 1979 में उनकी हत्या कर दी गई। हालांकि, इस चुनाव में पीपीपी के बहुमत हासिल करने की उम्मीद बेहद कम है। बिलावल ने अमेरिका में पीएम मोदी की आलोचना करते हुए बयान दिए थे।