मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर राहत की एक धुंधली किरण दिखाई दी है. 4 अप्रैल, 2026 को ओमान की सल्तनत और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठक हुई. इस बैठक का मुख्य एजेंडा दुनिया के सबसे अहम जलमार्गों में से एक, होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों के आवागमन को सुरक्षित और सुगम बनाना था.
ओमान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि यह बैठक शनिवार को आयोजित की गई. इसमें दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के डिप्टी मिनिस्टर लेवल के अधिकारी और संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हुए.
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बता दें, पिछले कुछ दिनों से होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की धमकियों और अमेरिकी अल्टीमेटम के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर बड़ा खतरा मंडरा रहा था.
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ओमान के विदेश मंत्रालय ने लिखा है, 'ओमान सल्तनत और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने शनिवार के बीच 4 अप्रैल, 2026 को बैठक हुई. बैठक में दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के डिप्टी मिनिस्टर के लेवल की थी, जिसमें दोनों तरफ के स्पेशलिस्ट शामिल हुए. मीटिंग में खाड़ी में मौजूदा हालात के बीच होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के आने-जाने को आसान बनाने के लिए मुमकिन ऑप्शन पर चर्चा हुई. मीटिंग के दौरान दोनों तरफ के एक्सपर्ट्स ने कई विजन और प्रपोजल पेश किए, जिनका अध्ययन किया जाएगा.'
ओमान ने हमेशा से इस क्षेत्र में एक मध्यस्थ की भूमिका निभाई है, और इस बार भी वह ईरान को वैश्विक व्यापार मार्ग खुला रखने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है.
हालांकि, अभी किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इन प्रस्तावों का अब गहराई से अध्ययन किया जाएगा. यह बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि अमेरिका ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए चेतावनी दी थी.
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भारतीय ध्वज वाले LPG टैंकर ने पार किया होर्मुज
भारतीय ध्वज वाले LPG टैंकर 'Green Asha' ने रविवार को होर्मुज स्ट्रेट पार कर लिया. Green Asha पश्चिम एशिया संकट के बीच Hormuz को पार करने वाला नौवां भारतीय जहाज है. यह जहाज लगभग 20,000 टन LPG लादे हुए ईरानी जलक्षेत्र से गुजरकर भारतीय नेवी की सहायता से भारत की तरफ बढ़ रहा है?