Arif Khan
आरिफ खान मंसूरी को डिजिटल मीडिया में करीब 15 वर्षों का अनुभव है . वर्तमान में न्यूज24 की डिजिटल विंग में कार्यरत हैं. इससे पहले देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं.
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नेपाल में बाढ़ के बाद शवों के प्रबंधन और उनकी पहचान को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है. नेपाल सरकार ने दूसरे देशों से फ्रीजर, डीएनए टेस्टिंग किट, डिजास्टर विक्टिम आइडेंटिफिकेशन (DVI) किट, हाई-कैपेसिटी ड्रोन और ‘LiDAR’ तकनीक मुहैया कराने की आपात अपील की है.
मंगलवार सुबह तक बाढ़ प्रभावित इलाकों से 962 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि करीब 4,200 लोग अब भी लापता हैं. राहत और बचाव दलों ने अब तक 323 विदेशी नागरिकों सहित 10,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है.
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नेपाल के अखबार ‘राइजिंग नेपाल डेली’ की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर पौडेल क्षेत्री ने बताया कि सरकार ने कई देशों से आवश्यक गैर-खाद्य सामग्री और तकनीकी सेवाओं मुहैया कराने की अपील की है. अमेरिका से फ्रीजर, डीएनए टेस्टिंग किट और जमीन के नीचे जांच के लिए LiDAR तकनीक मांगी गई है. वहीं, सिंगापुर से डिसास्टर विक्टिम आइडेंटिफिकेशन एक्सपर्ट टीम और हाई-कैपेसिटी ड्रोन्स मांगे गए हैं. चीन से जिन इलाकों से संपर्क टूट गया है, उनके लिए ‘बेली ब्रिज’ की मदद की अपील की गई है. इसके अलावा दक्षिण कोरिया और जापान से भी कई उपकरण मांगे गए हैं.
शवों की पहचान के लिए भारत से 18 फॉरेंसिक एक्सपर्ट की स्पेशल टीम 29 अगस्त से नेपाल में तैनात है और डीएनए विश्लेषण में जुटी है. इसके साथ ही टनल रेस्क्यू के लिए भारतीय टीमें मैलुंग और स्याफ्रुबेसी में सुरंगों से लोगों को निकालने में जुटी हैं. वहीं, अपर त्रिशूली 3A हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल में चीनी टीमें राहत कार्य कर रही हैं. दक्षिण कोरिया की टीम भी ग्राउंड ऑपरेशन्स में सहयोग कर रही है.
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नेपाल को भारत, चीन, जापान, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण कोरिया, म्यांमार, कतर, यूके, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, बांग्लादेश, पाकिस्तान से मदद आ रही है. इसके अलावा UN, WHO, WFP और UNICEF जैसी इंटरनेशनल संस्थाओं ने भी मदद के हाथ बढ़ाए हैं.
इन देशों ने नेपाल को ब्रिज यूनिट, फ्रीजर, जनरेटर सेट, सोलर लैंप, DNA टेस्टिंग किट, इमरजेंसी सामान, टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, खाने के पैकेट और दवाएं भिजवाई हैं.
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त्रासदी में अब भी 39 देशों के करीब 590 विदेशी नागरिक लापता बताए जा रहे हैं, जिनके परिजनों से संपर्क साधने के लिए नेपाल के विदेश मंत्रालय ने एक डेडिकेटेड ‘इमरजेंसी कंट्रोल रूम’ बनाया है.
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