सऊदी अरब के 29 वर्षीय राजकुमार अब्दुल्लाह बिन फहद बिन अब्दुल्लाह बिन अब्दुलअजीज बिन जलावी अल सऊद की लंदन के एक बेहद महंगे होटल में मौत हो गई. यूके में हुई जांच के दौरान सामने आया कि राजकुमार का शव केंसिंग्टन स्थित मैरियट होटल के बाथरूम में पाया गया था. सीसीटीवी फुटेज में वे मौत से एक रात पहले होटल के बाहर सिगरेट पीते दिखे थे. अगले दिन जब सफाई कर्मचारी कमरे में गया तो वे फर्श पर बेहोश पड़े मिले. आपातकालीन सेवाओं को तुरंत बुलाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मौके पर ही मृत घोषित कर दिया. जांच में पता चला कि अत्यधिक मात्रा में शराब और नशीली दवाओं के सेवन से उन्हें दिल का दौरा पड़ा था.
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ड्रग्स और शराब का कातिलाना मेल
टोक्सिकोलॉजी रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि राजकुमार के शरीर में एल्कोहल का स्तर बहुत अधिक था, जो सामान्य सीमा से लगभग तीन गुना ज्यादा पाया गया. जांच विशेषज्ञों ने अदालत को बताया कि शराब का यह स्तर अकेले ही इंसान को कोमा में भेजने के लिए काफी था. इसके अलावा उनके खून में जीएचबी नाम का घातक पार्टी ड्रग, गांजा और चिंता दूर करने वाली कई दवाइयां पाई गईं. डॉक्टरों का निष्कर्ष है कि इन तमाम खतरनाक पदार्थों का एक साथ सेवन करने की वजह से उनका शरीर सहन नहीं कर पाया और कार्डियक अरेस्ट के कारण उनकी जान चली गई. इस तरह की ओवरडोज इंसानी शरीर के लिए पूरी तरह से जानलेवा साबित होती है.
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नशे की लत का चल रहा था इलाज
अदालत को दी गई जानकारी के अनुसार, राजकुमार अब्दुल्लाह लंबे समय से शराब और दवाओं की लत से जूझ रहे थे. उन्होंने अपनी इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए अगस्त 2025 में लंदन के प्रसिद्ध प्रायरी क्लिनिक में दाखिला भी लिया था. वहां उन्होंने शराब और अन्य दवाओं का डिटॉक्स प्रोग्राम सफलतापूर्वक पूरा किया था. डॉक्टरों के अनुसार इलाज के दौरान उनमें मानसिक तनाव और उदासी के लक्षण देखे गए थे. हालांकि क्लिनिक से छुट्टी मिलने के बाद वे आगे की बैठकों में शामिल नहीं हुए, लेकिन डॉक्टरों ने उनके खुद को नुकसान पहुंचाने की आशंका से इनकार किया था. इसके बाद उन्होंने एक अन्य क्लिनिक में भी अपना इलाज करवाया था.
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कोर्ट ने दिया हादसों में मौत का फैसला
कॉरोनर कोर्ट ने पूरे मामले की गहन सुनवाई के बाद निष्कर्ष निकाला कि राजकुमार की मौत एक दुर्घटना यानी मिसएडवेंचर थी. अदालत को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे लगे कि उन्होंने जानबूझकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी. कमरा अंदर से बंद था और किसी अन्य व्यक्ति की मौजूदगी का कोई संकेत नहीं मिला. अधिकारियों ने बताया कि कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है. सऊदी शाही परिवार ने भी बाद में एक आधिकारिक बयान जारी कर राजकुमार की मृत्यु की पुष्टि की. उनका अंतिम संस्कार रियाध की प्रसिद्ध मस्जिद में किया गया, जहां परिवार और अधिकारियों ने उन्हें अंतिम विदाई दी.
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