'मलबे से निकाले गए थे मोजतबा खामेनेई'. अमेरिका के हवाई हमले में बचे ईरान के सुप्रीम लीडर

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को तेहरान के एक अस्पताल के मलबे से बाहर निकाला गया है. अमेरिकी और इजरायली हमलों में घायल होने के बाद उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. जानिए ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य ने इस पूरे घटनाक्रम पर क्या बड़ा खुलासा किया.

Mojtaba Khamenei, Iran Supreme Leader, Tehran Hospital Strike

ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है. Credit: AI

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ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान के जिस अस्पताल में मोजतबा खामेनेई का इलाज चल रहा था, उस पर अमेरिका और इजरायल के हवाई हमले के बाद उन्हें मलबे से बाहर निकाला गया.

ईरान की ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ के वरिष्ठ सदस्य मोहसिन हैदरी ने कतरी टीवी नेटवर्क ‘अल अरबी’ को दिए एक इंटरव्यू में यह दावा किया है. हैदरी के अनुसार, मोजतबा खामेनेई शुरुआती हमलों में जख्मी हो गए थे और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था. इसके बाद तेहरान के तीन अस्पतालों को निशाना बनाकर बमबारी की गई. उन्होंने बताया, “मोजतबा खामेनेई तीसरे अस्पताल में मौजूद थे और उन्हें मलबे से बाहर निकाला गया.”

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सुप्रीम लीडर के चयन को लेकर भी बड़ा खुलासा

हैदरी ने मोजतबा खामेनेई को सर्वोच्च नेता चुने जाने की प्रक्रिया पर भी बात की. उन्होंने बताया कि इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर का चुनाव करने वाली ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ के कोम (Qom) स्थित सचिवालय को भी निशाना बनाया गया था. इस हमले में 8 लोगों की मौत हो गई थी और चयन से जुड़े कई दस्तावेज नष्ट हो गए थे.

इसके बाद सदस्यों ने पर्चियों पर अपने वोट दर्ज किए. मोजतबा को कुल 59 में से 50 वोट मिले, जबकि 8 वोट अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी को मिले और एक सदस्य तटस्थ रहा. एक गुप्त कमरे में बैठक कर मोजतबा के नाम पर मुहर लगाई. हैदरी ने कहा कि मोजतबा को तब तक खुद के चुने जाने की जानकारी नहीं थी, जब तक इसका आधिकारिक ऐलान सरकारी टीवी पर नहीं हुआ. उन्होंने साफ किया कि मोजतबा पूरी तरह स्वस्थ हैं और देश का नेतृत्व करने में सक्षम हैं.

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‘परदे के पीछे रहने वाले नेता’

हैदरी ने मोजतबा खामेनेई को मैन ऑफ द शैडोज बताया. उन्होंने कहा कि सुप्रीम लीडर बनने से पहले मोजतबा ने सरकार में कोई आधिकारिक पद नहीं संभाला था, हालांकि वे अपने पिता के मुख्य सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे. वहीं, अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि हमलों में वे गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिसके बाद से 56 वर्षीय सुप्रीम लीडर किसी अज्ञात जगह पर हैं और उनकी सेहत को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं.

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें लगता है मुजतबा जिंदा हैं, लेकिन उनके शरीर का बायां हिस्सा, हाथ और पैर बुरी तरह जख्मी हुए हैं. दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि मुजतबा पूरी तरह स्वस्थ हैं और हाल ही में दोनों के बीच करीब सात घंटे तक लंबी बातचीत हुई थी.

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Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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