मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच 10 दिन से जारी संघर्ष अब पूर्ण युद्ध में बदल गया है. खुद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजे पेजेशकियन ने युद्ध का ऐलान किया है. इस बीच अमेरिका ने लगातार 10वें दिन ईरान पर हमले किए तो ईरान ने भी कुवैत में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं. अमेरिका के हमलों से बंदर अब्बास समेत कई इलाकों में धमाके सुनाई दिए. होर्मुज स्ट्रेट बंद है और अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी की हुई है.
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दक्षिणी ईरान में ज्यादा हमले का रहा अमेरिका
अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर ईरान पर 10 दिन से हमले किए जा रहे हैं. 10वें दिन भी होर्मुज स्ट्रेट से सटे दक्षिणी ईरान में हमले किए गए. बमबारी और मिसाइल अटैक के बाद बंदर अब्बास, बुशहर, इस्फाहान, चाबहार, कोनारक समेत कई इलाकों में धमाके सुनाई दिए. वहीं ईरान पर ताजा हमले अमेरिका के सैनिक की मौत के बाद और कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में ईरान के ड्रोन-मिसाइल अटैक के जवाब में किए गए हैं.
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मसूद पेजेशकियन ने की पूर्ण युद्ध की घोषणा
दूसरी ओर, अमेरिका के हमलों का जवाब देते हुए ईरान की सेना ने मंगलवार सुबह कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं. इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने घोषणा की है कि अमेरिका के साथ अब पूर्ण जंग शुरू हो चुकी है. कुवैत के आरिफजान अड्डे पर तैनात अमेरिकी सेना पर हमला किया गया है. सैन्य अड्डे पर तैनात अमेरिका के हिमर्स मिसाइल सिस्टम पर सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों से हमला किया गया.
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कुवैत में अमेरिका के मिसाइल सिस्टम पर हमला
अमेरिका का हिमर्स मिसाइल सिस्टम एक प्रकार का मोबाइल सिस्टम है, जो तेजी से आगे बढ़ने और जमीन से जमीन पर हमला करने में सक्षम है. ईरान के हमले से इस सिस्टम को काफी नुकसान पहुंचा है. कुवैत सिटी के दक्षिण में बना कैंप आरिफजान अमेरिकी वायुसेना, नौसेना, मरीन कोर और तटरक्षक बलों का सबसे अहम सैन्य अड्डा है. लेकिन ईरान के हमले के बाद कुवैत ने इस अड्डे की निगरानी बढ़ा दी है. वहीं ईरान के हमलों की कुवैत ने कड़ी निंदा भी की है.
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