मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ युद्ध चरम पर पहुंच गया है. बीते दिन ईरान के खार्ग द्वीप पर जोरदार धमाका हुआ तो शक जताया गया कि हमला अमेरिका ने किया है. इसके बाद अमेरिका ने दावा किया कि सेना ने होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के 3 ऑयल टैंकरों पर हमला किया है. इस हमले का जवाब देते हुए ईरान ने अमेरिका के 3 समुद्री जहाजों पर हमला करने का दावा किया है. ईरान की IRGC ने एक वीडियो जारी करके दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट में कुल 6 जहाजों को इंटरसेप्ट किया गया था, जिनमें 3 जहाज अमेरिका के थे और इन तीनों पर हमला किया गया है.
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ईरान की हर हमले का जवाब देने की धमकी
IRGC ने धमकी दी कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है तो ईरान भी बदला लेगा. अमेरिका को हर हमले का बुरा अंजाम भुगतना होगा. अमेरिका की मनमर्जी के आगे ईरान घुटने टेकने वालों में नहीं है. अमेरिका अपनी ही जिद पर अड़ा है तो ईरान भी पीछे नहीं हटेगा. होर्मुज स्ट्रेट तब तक बंद रहेगी, जब तक अमेरिका समझौते की शर्तें पूरी नहीं करता. अमेरिका ने ईरान के खार्ग और केशम द्वीप पर हमला किया तो ईरान ने भी कतर, कुवैत, बहरीन, जॉर्डन में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला किया. राष्ट्रपति ट्रंप होर्मुज को अमेरिका का हिस्सा बताते हैं, लेकिन ईरान धमकियों से नहीं डरता.
अमेरिका की तेल टैंकरों को डुबोने की धमकी
वहीं ईरान की धमकी के जवाब में अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर हमला किया तो अमेरिकी सेना ईरान के सभी तेल टैंकरों को समुद्र में डुबो देगी. अमेरिकी सेना ने गश्त करते समय अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और डिस्ट्रॉयर पर ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया, लेकिन इस हमले में कोई अमेरिकी सैनिक घायल नहीं हुआ. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में सेना की तैनाती का समय बढ़ा दिया है और उन्होंने ईरान के पिकैक्स माउंटेन न्यूक्लियर प्लांट को ट्रेस करने का आदेश दिया है, क्योंकि अब इस पर हमला होगा.
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पिकैक्स माउंटेन पर बड़ा हमला करने की तैयारी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के पिकैक्स माउंटेन का नाम लेकर ईरान को धमकी दी है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका और इजरायल अब तक इस न्यूक्लियर प्लांट पर हमला नहीं कर पाए हैं, लेकिन इस बार अमेरिका का टारगेट पिकैक्स माउंटेन न्यूक्लियर प्लांट ही होगा और इसे बंकर बस्टर बम से हमला करके तबाह किया जा सकता है. न्यूक्लियर प्लांट ईरान का मुख्य परमाणु ठिकाना है, जिसके अंदर यूरेनियन को प्रोसेस करने वाली मशीनें बनाई जाती हैं. यूरेनियम को प्रोसेस भी किया जाता है और संवर्धित यूरेनियम का स्टॉक भी रखा गया है, इसलिए इसे तबाह करना जरूरी हो गया है.
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