अमेरिकी राज्यों के एक ग्रुप के साथ मेटा की खास डील में बच्चों की सेफ्टी के लिए उम्र की पुष्टि पर फोकस किया गया है, जिसके तहत Facebook और Instagram पर 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए खास बदलाव किए गए हैं. बच्चों के स्क्रीन टाइम, रात में इस्तेमाल और नोटिफिकेशन पर डिफॉल्ट लीमिट्स लागू होंगी. एक जज ने इस डील को मंज़री दी है, जिसके मुताबिक रोजाना दो घंटे की टाइम लिमिट, आधी रात से सुबह 6 बजे तक इस्तेमाल पर रोक और सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच नोटिफिकेशन को म्यूट रखा जाएगा.

ये भी पढ़ें: सिर्फ चैटिंग के लिए नहीं है WhatsApp! UPI पेमेंट से Notes तक ये 5 काम भी करता है ऐप, जानें ये फीचर्स

---विज्ञापन---

क्या बदलाव होंगे?

मेटा एक ऐसी तकनीक को बेहतर बनाएगा, जिससे 13 से 17 साल के यूजर्स की पहचान हो सके. कई बार बच्चे इंस्टाग्राम पर लॉगिन करने के लिए अपनी उम्र ज्यादा भी बता देते हैं. लेकिन मेटा की तकनीक से ऐसे यूजर्स को पहचाना जा सकेगा. मेटा ने ये समझौता बच्चों पर सोशल मीडिया के असर को लेकर अमेरिका में लंबे समय तक चले कानूनी विवाद के बाद किया है. पेरेंट्स लगातार ये मुद्दा उठा रहे थे कि सोशल मीडिया की वजह से बच्चों का स्क्रीन टाइम, मेंटल हेल्थ खराब हो रही है. विवाद ये था कि मेटा ने इस तरह से अपने प्लेटफॉर्म्स को डिजाइन किया है कि युवाओं को उसकी लत लग रही है.

मेटा ने क्या कहा?

मेटा का कहना है कि नए बदलावों से पेरेंट्स के हाथ में ज्यादा कंट्रोल रहेगा. साथ ही, कंपनी ने TikTok और YouTube से भी इसी तरह के सुरक्षा उपाय अपनाने को कहा, क्योंकि टीनएजर्स कई ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं. मेटा के चीफ लीगल ऑफिसर CJ Mahoney ने कहा कि नए बदलाव तभी असरदार होंगे, जब पूरी इंडस्ट्री ने इन्हें अपनाए. US का ये फ्रेमवर्क समय की सीमाओं से भी आगे जाता है. टीनएजर्स बिना एल्गोरिदम वाला फीड चुन सकेंगे, ऑटोप्ले बंद कर सकेंगे और 'लाइक' के नंबर्स को डिफॉल्ट रूप से छिपा सकेंगे. मेटा पैरेंटल कंट्रोल और एडल्ट्स से होने वाले अनचाहे संपर्क पर रोक को और मज़बूत करेगा. कंपनी नियमों के पालन की जांच के लिए एक स्वतंत्र रिसर्च फाउंडेशन और ऑडिटर भी बनाएगी.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: मार्क जकरबर्ग ने खरीदा 335 करोड़ का आलीशान महल! खासियत जानकर रह जाएंगे हैरान

---विज्ञापन---