ईरान और अमेरिका के बीच हालात खराब होते जा रहे हैं। आज यानी 21 अप्रैल को ईरान और अमेरिका के बीच 2 हफ्तों के सीजफायर का आखिरी दिन है। इसको बढ़ाने और हालात सामान्य रखने के लिए आज इस्लामाबाद में दूसरे दौर की शांति बैठक होने जा रही है। इसमें ईरान ने शामिल होने से साफ इंकार कर दिया है। वहीं अमेरिका ने अपना प्रतिनिधि दल पाकिस्तान के लिए रवाना कर दिया है। दोनों देशों के अलग अलग रुख से बैठक होने से पहले से ही बेनतीजा लग रही है।

आज युद्धविराम का आखिरी दिन है। अमेरिका में रात 8pm EST और भारत में बुधवार सुबह 5:30am IST पर युद्धविराम खत्म हो जायेगा, लेकिन उसके पहले युद्धविराम को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी इस्लामाबाद में वार्ता के दो राउंड पर संशय के बदल है।

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एक मध्यस्थ की भूमिका में पाकिस्तान फेल होता दिख रहा है। ईरान के प्रस्तावित प्रतिनिधिमंडल को lead करने वाले ईरान के स्पीकर Ghalibaf के आखिरी ट्वीट से स्पष्ट है कि ईरान और अमेरिका के बीच मंगलवार को नहीं होने जा रही। गालिबाफ ने लिखा कि ट्रंप चाहते हैं कि हम बातचीत के नाम पर सरेंडर करें - हम ऐसे संधि वार्ता को रिजेक्ट करते हैं। गालिबाफ ने धमकी देते हुए कहा कि हमने युद्ध के लिहाज से कुछ नए प्रयोग किए हैं, उनका आने वाले युद्ध में प्रयोग किया जायेगा।

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क्यों ईरान ने किया मना?

होर्मुज पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी और वहां ईरानी झंडे वाले जहाज की अमेरिका द्वारा जब्ती से नाराज ईरान पाकिस्तान में अमेरिका के साथ होने वाली दूसरे दौर की बातचीत में भाग नहीं लेने के संदेश दे रहा है।

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अमेरिका की तरफ से कौन?

ट्रंप ने अपनी तरफ से वार्ता की घोषणा कर दी लेकिन जेडी वेंस के भाग लेने पर संशय है। ट्रंप के अनुसार अमेरिकी दल बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंच रहा है लेकिन दल की रवानगी से लेकर सदस्यों की पहचान तक को गुप्त रखा गया है।

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इजरायल और लेबनान के बीच गुरूवार को बैठक

अमेरिका ने घोषणा की है कि वह गुरुवार को इजरायल और लेबनान के बीच शांति वार्ता की मेजबानी करेगा, - लेकिन दूसरी तरफ दक्षिणी लेबनान पर इजरायली सेना के हवाई हमले में कम से कम 6 लोग घायल हो गए हैं - वहां जारी लगातार इजराइली बमबारी ने भी Islamabad की वार्ता की संभावना को कमज़ोर किया है।

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