अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शनिवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे, जहां उनके विमान को पाकिस्तानी वायुसेना के F-16 लड़ाकू विमानों ने एस्कॉर्ट किया. जेडी वेंस का विमान जैसे ही पाकिस्तान के एयरस्पेस में दाखिल हुआ, करीब पांच F-16 फाइटर जेट्स ने उसे सुरक्षा घेरे में ले लिया. इसके बाद उनका विमान नूर खान एयरबेस पर सुरक्षित उतरा. यह पूरा घटनाक्रम सुरक्षा और इस दौरे की संवेदनशीलता को दर्शाता है.
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खास है वेंस का ये दौरा
जेडी वेंस का ये दौरा बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि वो ईरान के साथ हाई लेवल बातचीत का नेतृत्व करने पहुंचे हैं, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करना और युद्ध की स्थिति को टालना है. इस्लामाबाद में होने वाली ये बैठक कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है. बताया जा रहा है कि ये 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सबसे उच्च स्तर की आमने-सामने की बातचीत हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक, इस वार्ता में ईरान की ओर से संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल होंगे. वहीं अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में जेडी वेंस के साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर भी मौजूद हैं.
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ईरान ने क्या कहा?
इन बातचीत का फोकस परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और संघर्ष विराम जैसे मुद्दों पर रहेगा. हालांकि दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है. ईरान ने पहले भी अमेरिका पर वादाखिलाफी के आरोप लगाए हैं, जिससे वार्ता की सफलता पर सवाल उठ रहे हैं. ईरानी सरकारी मीडिया ने गालिबाफ के हवाले से कहा कि ईरान की मंशा अच्छी है, लेकिन अमेरिका पर भरोसा नहीं है. उनका कहना है कि अमेरिकियों के साथ बातचीत का अनुभव हमेशा असफलता और टूटे वादों से भरा रहा है. इधर, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने दोनों पक्षों से पॉजिटिव बातचीत करने की अपील की. उन्होंने कहा कि युद्ध होने से रोकने की मंशा से बातचीत को बेहतर बनाने के लिए पाकिस्तान प्रतिबद्ध है.
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