मध्य पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच तेज होती जंग के बीच इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने ईरान के भावी सर्वोच्च नेता को सीधा निशाना बनाने की चेतावनी जारी की है. बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दिए बयान में काट्ज ने कहा कि ईरान का जो भी नया नेता नियुक्त हो, अगर वह इजरायल के विनाश, अमेरिका और क्षेत्रीय देशों को धमकी देने तथा ईरानी जनता पर अत्याचार जारी रखने की नीति को आगे बढ़ाएगा, तो वह हमारे लिए स्पष्ट उन्मूलन का लक्ष्य होगा. उन्होंने साफ शब्दों में जोड़ा कि उसके नाम या छिपने की जगह से कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

ईरान को कुचलने का संकल्प


प्रधानमंत्री के साथ मिलकर उन्होंने सेना को 'लॉयन रोर' अभियान के हिस्से के रूप में इस मिशन को पूरा करने की पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए हैं. काट्ज ने अपने बयान में अमेरिकी सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान के शासन की सैन्य क्षमताओं को चूर-चूर करने और ईरानी अवाम के लिए तानाशाही को उखाड़ फेंकने की स्थितियां बनाने का वादा किया. यह बयान उस वक्त आया जब खबरें गर्म हैं कि खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को एक्सपर्ट्स की सभा ने नया सुप्रीम लीडर चुन लिया है.

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ट्रंप का लंबा युद्ध का संकेत


पांचवें दिन में प्रवेश कर चुके इस संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है. बुधवार को तेहरान के आसपास जबरदस्त धमाकों की गूंज सुनाई दी, जबकि ईरानी सरकारी टीवी ने शहर के बाहरी इलाकों में विस्फोटों की पुष्टि की. इजरायल ने बताया कि ईरान की मिसाइलों के जवाब में उसकी वायु रक्षा प्रणाली को सक्रिय करना पड़ा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इशारों में कहा कि यह टकराव हफ्तों या इससे कहीं ज्यादा लंबा खिंच सकता है. ईरान में अब तक करीब 800 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें कुछ संभावित भावी नेता भी शामिल हैं.

ईरान का इजरायल पर ताबड़तोड़ हमला


इजरायल ने एक दिन पहले ईरान के मिसाइल लॉन्च साइट्स और न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर पर हवाई हमले बोले, तो जवाब में ईरान ने इजरायल पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं - हालांकि अधिकांश को मिड-एयर में ही ध्वस्त कर दिया गया. ईरान समर्थित गुटों ने सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास तथा यूएई के अमेरिकी कांसुलेट पर ड्रोन हमले किए, जिससे ऊर्जा आपूर्ति और हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई. इजरायल में संघर्ष की शुरुआत से 11 नागरिकों की जान जा चुकी है.