मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक बड़ी कूटनीतिक पहल सामने आई है. इजरायल और लेबनान के बीच लंबे समय बाद सीधे संपर्क हुआ है और अब दोनों देश 14 अप्रैल को वाशिंगटन में आमने-सामने बैठक करेंगे. इस बैठक में अमेरिका मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा और मेन एजेंडा सीजफायर तय करना होगा. जानकारी के मुताबिक, दोनों देशों के राजदूतों के बीच हाल ही में फोन पर बातचीत हुई, जिसे अमेरिका ने मुमकिन कराया. इस बातचीत में अमेरिकी राजदूत भी शामिल थे. इस बातचीत को क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
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क्यों खास है ये बैठक?
आपको बता दें कि इजरायल और लेबनान के बीच कोई औपचारिक कूटनीतिक संबंध नहीं हैं और दोनों देश तकनीकी रूप से अब भी दुश्मन माने जाते हैं. ऐसे में ये बातचीत और प्रस्तावित बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. 14 अप्रैल को होने वाली बैठक वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश डिपार्टमेंट में आयोजित की जाएगी. इसमें दोनों देशों के प्रतिनिधि सीजफायर का एक ढांचा तैयार करने और आगे की बातचीत का रास्ता तय करने पर चर्चा करेंगे.
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अब तक हमले में हजारों की मौत
हालांकि, जमीन पर हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं. इजरायल लगातार लेबनान पर हमले कर रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों में अब तक करीब 2000 लोगों की मौत हो चुकी है और 6 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. हाल ही में सीजफायर की घोषणा के बावजूद भी हमले जारी रहे हैं, जिससे हालात और खराब हो गए हैं. बुधवार को इजरायल ने लेबनान पर बम बरसाए, जिसमें 357 लोगों की मौत हो गई. इजरायल का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं है, जबकि ईरान का दावा है कि लेबनान भी इस समझौते का हिस्सा है. इस मतभेद के कारण क्षेत्र में अनिश्चितता बनी हुई है और शांति प्रक्रिया पर भी असर पड़ सकता है.
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