ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया है कि अमेरिका ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की धरती का इस्तेमाल करके ईरान के खर्ग और अबू मूसा द्वीपों पर हमले किए हैं. अराघची के अनुसार इन हमलों में हाईमार्स (HIMARS) रॉकेट सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है जो दुबई और रास अल खैमाह जैसे इलाकों से दागे गए थे. ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए कहा है कि पड़ोसी देशों की जमीन का इस्तेमाल उनके खिलाफ होना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ईरान ने चेतावनी दी है कि वह इन हमलों का जवाब देगा लेकिन आम नागरिकों वाले रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने से बचेगा.

यूएई के पोर्ट पर हमला

ईरान की धमकियों के बीच संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह पोर्ट पर बड़ा हादसा हुआ है. खबरों के मुताबिक ड्रोन हमलों को बीच में रोकने के बाद उसका मलबा फुजैराह ऑयल इंडस्ट्री जोन पर गिरा जिससे वहां भीषण आग लग गई. इस घटना में एक जॉर्डन के नागरिक के घायल होने की खबर है और सुरक्षा कारणों से तेल की लोडिंग का काम आंशिक रूप से रोक दिया गया है. यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि शनिवार को उनकी तरफ 9 बैलिस्टिक मिसाइलें और 33 ड्रोन दागे गए थे. फरवरी के अंत से शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक यूएई पर सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन हमले हो चुके हैं जिसमें कई लोगों की जान जा चुकी है.

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होर्मुज स्ट्रेट पर कब्जे की जंग

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिका के सुरक्षा घेरे को पूरी तरह नाकाम बताया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका अब होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रखने के लिए चीन जैसे देशों से मदद मांग रहा है. दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वे होर्मुज स्ट्रेट को हर हाल में खुला और सुरक्षित रखेंगे. ट्रंप ने चीन, फ्रांस और जापान जैसे देशों से भी अपने युद्धपोत भेजने की अपील की है ताकि वैश्विक तेल व्यापार बाधित न हो. अमेरिका ने चेतावनी दी है कि वह ईरान के उन ठिकानों पर बमबारी जारी रखेगा जहां से जहाजों को खतरा पैदा किया जा रहा है.

खतरे में खाड़ी देश

ईरान की ओर से यूएई के तीन प्रमुख बंदरगाहों जेबेल अली, खलीफा पोर्ट और फुजैराह को सीधा निशाना बनाने की धमकी दी गई है. ईरान का दावा है कि इन नागरिक बंदरगाहों का इस्तेमाल अमेरिकी सेना अपने बेस के तौर पर कर रही है. ईरान की सरकारी एजेंसी ने लोगों को इन इलाकों से तुरंत दूर जाने की सलाह दी है क्योंकि आने वाले समय में यहां और भी बड़े हमले हो सकते हैं. इधर यूएई ने ईरान के दावों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा है कि उनकी नीतियां समझदारी से परे और भ्रम पैदा करने वाली हैं. मिडिल ईस्ट के इस तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि यहां से होने वाली तेल सप्लाई वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ है.