ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा. दोनों देश अपने-अपने तरीके से अपनी ताकत का सबूत पेश कर रहे हैं. अमेरिका ने ईरान के आसपास अपने कई फाइटर जेट्स, युद्धपोत वगैरह तैनात किए हैं. वहीं ईरान ने भी ये साफ कर दिया है कि वो किसी भी तरह के हमले को युद्ध मानेगा और उसका करारा जवाब देगा. ईरान ने अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करते हुए सेज्जिल-2 बैलिस्टिक मिसाइल को दुनिया के सामने पेश किया है. ये मिसाइल अपनी लंबी रेंज, तेज रफ्तार और रडार से बचने की क्षमता की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में बनी हुई है. रक्षा विशेषज्ञ इसे ईरान की सबसे खतरनाक मिसाइलों में से एक मानते हैं.
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ईरान की सेज्जिल-2 मिसाइल क्या है?
सेज्जिल-2 एक लॉन्ग रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे ईरान ने पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से विकसित किया है. इस मिसाइल का पहला परीक्षण साल 2008 में किया गया था. इसके बाद से इसमें लगातार तकनीकी सुधार किए गए हैं. सेज्जिल-2 सोलिड फ्यूल बेस्ड मिसाइल है, जो इसे दूसरी मिसाइलों के मुकाबले ज्यादा घातक बनाती है. इस मिसाइल की रेंज करीब 2,000 से 2,500 किलोमीटर है. इतनी दूरी तय करने की क्षमता की वजह से ये मिसाइल मिडिल ईस्ट के कई देशों तक पहुंच सकती है. जानकारों का कहना है कि सेज्जिल-2 पारंपरिक के साथ-साथ परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम हो सकती है.
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क्यों कहलाती है ‘डांसिंग मिसाइल’?
सेज्जिल-2 को ‘डांसिंग मिसाइल’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये उड़ान के दौरान अपना रास्ता बदल सकती है. मिसाइल सीधी लाइन में नहीं उड़ती, बल्कि हवा में लहराते हुए दिशा बदलती है. इसीलिए दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता है. यही वजह है कि इसे आधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए भी एक बड़ी चुनौती माना जाता है.
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ठोस ईंधन तकनीक क्यों है खास?
रडार से बचने के लिए सेज्जिल-2 में एडवांस गाइडेंस सिस्टम, खास कोटिंग और तेज स्पीड का इस्तेमाल किया गया है. जब ये मिसाइल वायुमंडल में दोबारा एंट्री लेती है, तब इसकी स्पीड बेहद तेज होती है. तेज रफ्तार की वजह से रडार इसे समय पर पकड़ नहीं पाते और इंटरसेप्ट करना कठिन हो जाता है. सेज्जिल-2 ठोस ईंधन (Solid Fuel) पर काम करती है. इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि मिसाइल को लॉन्च करने में बहुत कम समय लगता है. तरल ईंधन वाली मिसाइलों की तुलना में इसे जल्दी दागा जा सकता है, जिससे दुश्मन को तैयारी का मौका नहीं मिलता.
इजरायल में दिखी थी असली ताकत
दुनिया ने इसकी खासियत इजरायल में देखी थी. दरअसल, इजरायल की राजधानी तेल अवीव पर इस मिसाइल ने घूम-घूम कर हमला किया था. ईरान की डांसिंग मिसाइल ने इजरायल के आयरन डोम और ऐरो जैसे एडवांस डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया था. स्टेज-2 सेजिल मिसाइल करीब 700 किलोग्राम तक का वारहेड ट्रांसपोर्ट कर सकती है. सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के मुताबिक इसकी लंबाई 18 मीटर और वजन 23600 किलोग्राम है.
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