मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने तेल की सप्लाई रोकी तो उस पर भीषण हमला किया जाएगा. इस पर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कड़ा जवाब देते हुए कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से अब एक लीटर तेल भी बाहर नही जाने दिया जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की यह सीधी चुनौती पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी है. अगर यह समुद्री रास्ता बंद होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतें आसमान छू सकती हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा सकती है.
पूरी दुनिया पर गहराया ऊर्जा संकट
ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर अमरीका और इजरायल के हमले जारी रहे तो वह केवल अपना ही नही बल्कि पूरे इलाके का तेल निर्यात रोक देगा. इसका मतलब है कि सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, कतर और इराक जैसे देशों से होने वाली तेल सप्लाई भी ठप हो सकती है. ट्रंप ने इसके जवाब में कहा है कि अगर ईरान ने ऐसी हिमाकत की तो उस पर 20 गुना ज्यादा सख्त कार्रवाई की जाएगी. ट्रंप के मुताबिक अमरीका ऐसा हमला करेगा कि ईरान का एक देश के रूप में फिर से खड़ा होना मुश्किल हो जाएगा. दोनों देशों के बीच बढ़ते इस टकराव ने दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों में डर का माहौल पैदा कर दिया है.
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होर्मुज जलडमरूमध्य बना जंग का अखाड़ा
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है जहां से कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है. ईरान ने अपनी सुरक्षा के नाम पर यहां से गुजरने वाले जहाजों को रोकना शुरू कर दिया है जिसके कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. ट्रंप का कहना है कि अगर ईरान तेल रोकने की कोशिश करता है तो अमरीका तबाही मचा देगा. वहीं ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने महज पांच शब्दों में अपना रुख साफ कर दिया है- "एक लीटर तेल भी नही." इस अड़ियल रुख से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया का यह संकट और भी ज्यादा भयानक रूप ले सकता है.
आर्थिक तबाही की बढ़ती आशंका
अमरीका और ईरान के बीच जारी इस भीषण तनाव का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है. अगर ईरान अपनी धमकी पर कायम रहता है और होर्मुज के रास्ते को पूरी तरह ब्लॉक कर देता है तो विकसित और विकासशील देशों के लिए अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना नामुमकिन हो जाएगा. ट्रंप लगातार सैन्य कार्रवाई की बात कर रहे हैं जबकि ईरान अपनी क्षेत्रीय ताकत का प्रदर्शन कर रहा है. अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ट्रंप इस सीधी चुनौती का सामना किस तरह करते हैं.