अमेरिका और ईरान के बीच कोई ठोस समझौता नहीं हो पा रहा है। सीजफायर के बाद भी दोनों देश रह रहकर एक दूसरे पर अटैक कर रहे हैं। Iran ने अमेरिका के साथ संभावित दूसरे दौर की बातचीत से पहले कड़े शर्तें रखी हैं। Fars News Agency के मुताबिक Iran ने कहा है कि जब तक उसकी पांच प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं - तब तक वह नई वार्ता में शामिल नहीं होगा।
Iran की शर्तों में शामिल हैं- क्षेत्रीय युद्धों का अंत - खासकर लेबनान में, ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाना, विदेशों में फ्रीज ईरानी धनराशि को जारी करना, युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई और Hormuz पर ईरान के नियंत्रण को मान्यता देना। हालांकि ईरान ये मांगें काफी समय से कर रहा और अमेरिका सिरे से इन मांगों को मानने से इंकार कर रहा है।
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ईरान का कहना है कि इन शर्तों का पूरा होना किसी भी नई बातचीत से पहले भरोसा बहाल करने के लिए न्यूनतम कदम हैं - इनके बिना आगे की वार्ता का कोई आधार नहीं बनता।
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इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपनी तीन दिनों की चीन यात्रा पर रवाना हो गए हैं। जाने से पहले उसे युद्ध की वजह से बढ़ रही महंगाई और अर्थव्यवस्था पर दूसरे असर के बारे में जब पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि वे अमेरिकी अर्थव्यवस्था के बारे में सोचते ही नहीं।
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ट्रंप ने कहा अगर वे कुछ सोचते हैं तो वो है कि किसी हाल में Iran को परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जायेगा - और जो लोग ऐसा नहीं सोचते वे मूर्ख हैं।
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