US Iran War Latest News: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध अब और अधिक गंभीर मोड़ ले चुका है. अमेरिका ने लगातार 13वें दिन ईरान के विभिन्न सैन्य ठिकानों पर कई हवाई हमले किए, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है. अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है और जवाबी कदम उठाने की चेतावनी दी है. दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है.

100 डॉलर पहुंचा कच्चा तेल

लगातार हो रहे हमलों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है, जो वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए चिंता की बात है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह युद्ध और भी लंबे समय तक ऐसे ही जारी रहता है या रणनीतिक समुद्री मार्गों पर और भी ज्यादा संकट गहराता है, तो तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है.

---विज्ञापन---

ईरान ने लगाए अमेरिका पर आरोप

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए ताजा हमलों का मकसद ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनके कारण क्षेत्र में अमेरिकी हितों और समुद्री व्यापारिक मार्गों के लिए खतरा पैदा हो सकता है. वहीं, ईरान ने भी अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ईरान का कहना है कि अमेरिका क्षेत्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंचा रहा है.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें- भारत को ट्रंप का नए टैरिफ का झटका, 17 देशों पर लगाया 10% एडिशनल टैक्स, जानें कब से होगा लागू?

---विज्ञापन---

इस बीच लाल सागर और होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा हो गई है. बता दें कि वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इन्हीं मार्गों से गुजरता है. ऐसे में किसी भी तरह का सैन्य व्यवधान अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर सकता है. वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात वैश्विक महंगाई पर भी दबाव बढ़ा सकते हैं, क्योंकि ऊर्जा कीमतों में वृद्धि का असर परिवहन और उपभोक्ता वस्तुओं की लागत पर भी पड़ेगा.

---विज्ञापन---

---विज्ञापन---