अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए दी गई डेडलाइन खत्म होने में अब चंद घंटे बचे हैं. एक तरफ ट्रंप ने ईरान में मंगलवार को पावर प्लांट और पुल उड़ाने की धमकी दी है, तो दूसरी तरफ ईरान ने झुकने के बजाय युद्ध के लिए एक महाप्लान तैयार किया है.
1.4 करोड़ वॉलिंटियर
ईरानी सरकारी टीवी के मुताबिक, यदि अमेरिका और इजरायल जमीनी आक्रमण करते हैं, तो देश की रक्षा के लिए 1.4 करोड़ लोगों ने स्वेच्छा से लड़ने का संकल्प लिया है. हैरान करने वाली बात यह है कि यह संख्या मात्र 5 दिनों में दोगुनी हो गई है. 9 करोड़ की आबादी वाले इस देश में रिटायर सैनिकों से लेकर आम नागरिकों तक को युद्ध के मैदान में उतरने के लिए कहा जा रहा है.
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12 साल के बच्चे बनेंगे फौजी
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड की अर्धसैनिक इकाई 'बसिज' ने भर्ती की न्यूनतम उम्र घटाकर 12 साल कर दी है. एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे 'युद्ध अपराध' करार दिया है, क्योंकि मासूमों के हाथों में खिलौनों की जगह बंदूकें थमाई जा रही हैं.
ईरानी जनरल हुसैन येक्ता ने सरकारी टीवी पर आकर माता-पिता से एक अपील की है. उन्होंने कहा, 'अपने बच्चों के हाथ पकड़ो और सड़कों पर निकलो. क्या आप चाहते हैं कि आपका बच्चा असली मर्द बने? उसे युद्ध के मैदान के केंद्र में खड़ा होने दें.' उन्होंने सुझाव दिया कि रात के समय बच्चों को चेकप्वाइंट्स पर तैनात किया जाए.
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पावर प्लांट के लिए 'ह्यूमन चेन'
डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट नहीं खुला, तो वे ईरान के पावर प्लांट्स को तबाह कर देंगे. इसके जवाब में ईरान ने 7 अप्रैल को देश भर के पावर प्लांटों के बाहर ह्यूमन चेन बनाने का आह्वान किया है. इसमें युवाओं, कलाकारों और एथलीटों को शामिल किया जाएगा. ईरान के खेल उप मंत्री अलीरेजा रहीमी का तर्क है कि नागरिकों की मौजूदगी में हमला करना एक युद्ध अपराध होगा. वे जनता को 'इंसानी ढाल' के रूप में इस्तेमाल कर अमेरिकी मिसाइलों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं.
ईजरायल की धमकी
बढ़ते तनाव के बीच इजरायली सेना IDF ने ईरानियों को चेतावनी जारी की है कि अगले 12 घंटों तक ट्रेन यात्रा से बचें क्योंकि रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया जा सकता है. खतरे को भांपते हुए सऊदी अरब ने बहरीन से जुड़ने वाले 25 किलोमीटर लंबे किंग फहाद एक्सप्रेसवे को बंद कर दिया है. यह पुल सऊदी को बहरीन के साथ सड़क के जरिए जोड़ता है.
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बता दें, सोमवार को ईरान ने पाकिस्तान की ओर से आए अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. ईरान ने जंग रोकने के लिए अपनी 10 शर्तें रखी हैं.