अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के दावों के बीच तेहरान ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरान किसी भी शांति समझौते के तहत रणनीतिक रूप से बेहद अहम हॉर्मुज स्ट्रेट पर अपना कब्जा छोड़ने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है. ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक सभी मोर्चों पर युद्ध पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, तब तक वह इस समुद्री मार्ग पर अपना दबदबा बनाए रखेगा.
ट्रंप के दावों को तेहरान ने नकारा
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान एक तैयार दस्तावेज और अंतिम समझौते पर सहमत हो गया है. हालांकि, ईरान की ‘फार्स न्यूज एजेंसी’ ने एक सूत्र के हवाले से इस दावे की हवा निकाल दी. सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी ड्राफ्ट एग्रिमेंट को मंजूरी नहीं दी है.
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ईरानी मीडिया ने क्या कहा?
ईरानी मीडिया ने कहा, ‘ईरान हॉर्मुज स्ट्रेट से अपना नियंत्रण वापस लेने पर कभी सहमत नहीं होगा. वर्तमान समझौता ज्ञापन में केवल एक ही बात शामिल है – और वह है संघर्ष पूरी तरह खत्म होने के बाद हॉर्मुज स्ट्रेट में सामान्य नेविगेशन को बहाल करना. इस MoU का मुख्य मकसद सभी मोर्चों पर जारी युद्ध को समाप्त करना है.’
दोनों देश कहां-कहां अड़े?
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, इस शांति वार्ता के लिए 60 दिनों की टाइमटेबल तैयार करने की बात जरूर चल रही है, लेकिन इसमें शर्तों को लेकर दोनों पक्ष अपनी-अपनी जगह अड़े हैं. जहां अमेरिका अभी तक ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध नहीं दिखाई दे रहा है. वहीं, दूसरी ओर ईरान इस वजह से इस ज्ञापन में अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई भी ढील या प्रतिबद्धता देने से साफ इनकार कर दिया है.
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‘मर्द हैं तो सामने आएं…’ US को खुली चुनौती’
इस कूटनीतिक तनातनी के बीच ईरानी सेना के डिप्टी कोऑर्डिनेटर एडमिरल हबीबुल्लाह सयारी ने अमेरिका को बेहद आक्रामक लहजे में चुनौती दी है. अमेरिका ने दावा किया था कि उसने ईरानी नौसेना के बेड़े को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसपर सयारी ने पलटवार किया.
एडमिरल सयारी ने कहा, ‘अमेरिकी दावा कर रहे हैं कि ईरानी नौसेना को नुकसान हुआ है. अगर वे मर्द हैं तो सामने आकर मुकाबला करें. हम इस क्षेत्र में हमेशा से शक्तिशाली रहे हैं और आज भी हमारी ताकत बरकरार है. फारस की खाड़ी और हॉर्मुज स्ट्रेट पर IRGC की नौसेना का मजबूत और अभेद्य नियंत्रण है. हमारी मर्जी और सहमति के बिना इस इलाके में कोई भी विदेशी जहाज प्रवेश नहीं कर सकता.’
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क्यों खास है हॉर्मुज स्ट्रेट?
हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे संवेदनशील और अहम समुद्री तेल मार्ग है. दुनिया भर के कुल कच्चे तेल के व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है. ऐसे में इस पर नियंत्रण खोने का मतलब है कि ईरान ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर अपनी पकड़ खो देगा, जिसे वह अमेरिका के सामने कतई सरेंडर नहीं करना चाहता.
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