40 दिनों की लड़ाई के बाद जब इस्लामाबाद पीस बैठक में ईरान और अमेरिका के बीच सहमति नहीं बनी तो अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में नाकेबंदी कर दी थी। ईरान समेत कई देशों ने इसका विरोध किया लेकिन अमेरिका अपने फैसले पर अड़ा रहा। अब अमेरिका ने ईरान की नेवी के TOUSKA जहाज को अपने कब्जे में ले लिया है। इसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी शिपों पर ड्रोन हमला किया है।

बता दें कि जब अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने कहा कि अमेरिकी सेना ने अरब सागर में ईरानी ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज TOUSKA को कथित तौर पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी का उल्लंघन करने के आरोप में रोका था। सेंटकॉम ने x पर एक बयान में कहा कि टैम्पा, फ्लोरिडा - अरब सागर में तैनात अमेरिकी सेना ने 19 अप्रैल को एक ईरानी बंदरगाह की ओर जाने की कोशिश कर रहे ईरानी ध्वज वाले मालवाहक जहाज के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी लागू की। निर्देशित मिसाइल विध्वंसक जहाज यूएस एस स्प्राउंस ने उस पोत को उस समय रोका जब वह बंदर अब्बास की ओर जा रहा था।

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रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका द्वारा जहाज पर हमला करने के बाद, ईरानी सेना ने भी ड्रोन से कुछ अमेरिकी सैन्य जहाजों पर हमला किया।

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ईरानी सरकारी मीडिया तसनीम समाचार एजेंसी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, ईरान के हजरत खातम अल-अनबिया सैन्य मुख्यालय ने ओमान सागर में एक ईरानी वाणिज्यिक पोत पर अमेरिकी हमले की पुष्टि की है। बयान में कहा गया है कि आक्रामक अमेरिका ने युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए और समुद्री डकैती करते हुए, ओमान सागर के जलक्षेत्र में ईरान के एक वाणिज्यिक जहाज पर गोलीबारी करके और जहाज के डेक पर अपने कई आतंकवादी सैनिकों को तैनात करके उसके नेविगेशन सिस्टम को निष्क्रिय कर दिया।

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इस बयान में तेहरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। कहा कि हम चेतावनी देते हैं कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सशस्त्र बल जल्द ही अमेरिकी सेना द्वारा की गई इस सशस्त्र डकैती का जवाब देंगे और इसके खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेंगे।

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