पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते सीमा विवाद के बीच पाक थल सेनाध्यक्ष जनरल आसिम मुनीर ने दक्षिण वजीरिस्तान के वाना इलाके का अहम दौरा किया. इस दौरान उन्होंने सीमा पर सुरक्षा स्थिति का जायजा लेते हुए एक ऐसा दावा किया जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी मचा दी है. मुनीर के मुताबिक ईरान पर हालिया हमलों के लिए अफगानिस्तान की जमीन और वहां के एयरबेस का इस्तेमाल किया गया है. पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग ने बताया कि मुनीर ने अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों के खिलाफ होने पर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य करार देते हुए अफगान तालिबान को सख्त चेतावनी दी है कि वे अपनी धरती पर आतंकी गतिविधियों को रोकें.

ऑपरेशन 'गजब लिल हक' और सीमा पर तनाव

आर्मी चीफ का यह दौरा एक ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ 'ऑपरेशन गजब लिल हक' नाम से बड़ा सैन्य अभियान छेड़ रखा है. यह कार्रवाई उन हमलों के जवाब में शुरू की गई है जिनमें अफगान तालिबान ने 2600 किलोमीटर लंबी सीमा पर दर्जनों जगहों को निशाना बनाया था. मुनीर ने वजीरिस्तान में सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान अब अपनी सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा. सीमा पार से आने वाले किसी भी खतरे को बेअसर करने के लिए सेना को खुली छूट दी गई है. पाकिस्तान का मानना है कि टीटीपी जैसे खतरनाक आतंकी संगठनों को अफगानिस्तान में न केवल पनाह मिल रही है बल्कि उन्हें ट्रेनिंग भी दी जा रही है.

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शांति के लिए तालिबान को दी आखिरी चेतावनी

मार्शल मुनीर ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शांति तभी कायम हो सकती है जब तालिबान अपनी नीतियों में बड़ा बदलाव करे. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर तालिबान आतंकवाद और आतंकी संगठनों को समर्थन देना बंद नहीं करता है तो उसे इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे. पाकिस्तान लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह मुद्दा उठाता रहा है कि अफगान जमीन का इस्तेमाल अस्थिरता फैलाने के लिए किया जा रहा है. मुनीर के इस ताजा बयान ने ईरान और अफगानिस्तान के बीच भी तनाव बढ़ा दिया है क्योंकि अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या तालिबान ने विदेशी ताकतों को अपने एयरबेस इस्तेमाल करने की गुप्त अनुमति दी थी.

सैन्य तैयारियों और खुफिया ऑपरेशंस की समीक्षा

दौरे के दौरान फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को सीमा प्रबंधन और खुफिया जानकारी पर आधारित सैन्य अभियानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. उन्होंने खुद अग्रिम चौकियों पर जाकर सैनिकों की तैयारी और उनके हौसले को परखा. मुनीर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सीमा सुरक्षा को और ज्यादा अभेद्य बनाएं ताकि किसी भी तरह की घुसपैठ मुमकिन न हो सके. पाकिस्तान अब अफगान सीमा पर फेंसिंग के साथ-साथ हाई-टेक निगरानी उपकरणों का इस्तेमाल भी बढ़ा रहा है. मुनीर के इस कड़े रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान अपनी पश्चिमी सीमा पर सैन्य दबाव को और अधिक बढ़ाने वाला है जिससे क्षेत्र का समीकरण पूरी तरह बदल सकता है.