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होर्मुज के बाद अब बंद होने वाला है ये समुद्री रूट? भारत पर क्या होगा असर

कमर्शियल जहाजों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरना बेहद रिस्की हो गया है. ऐसे में ईरान का एक फैसला बाकी सभी देशों की मुश्किल बढ़ा सकता है.

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Credit: AI

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. जहाजों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरना बेहद रिस्की हो गया है. ऐसे में दूसरे ऑप्शन पर सभी की आस बनी हुई है. लेकिन ईरान का एक फैसला बाकी सभी देशों की मुश्किल बढ़ा सकता है. खबरें हैं कि ईरान बाब-मंदाब स्ट्रेट को भी बंद करने का प्लान बना रहा है. ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका इसी तरह उसपर हमला करता रहा है को यमन के हूती मंदाब का रास्ते पर भी नो-एंट्री लगा सकते हैं. अगर ऐसा हुआ तो सभी देश मुसीबत में पड़ जाएंगे. होर्मुज में जारी तनाव की वजह से पहले ही तेल की सप्लाई पर काफी असर पड़ रहा है. अगर मंदाब को भी बंद कर दिया गया तो ये मुसीबत और भी बढ़ जाएगी और तेल की कीमतों में जो आग लगेगी उसकी कल्पना कर पाना भी मुश्किल है.

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बाब अल-मंदाब में क्या है खास?

बाब अल-मंदाब भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की ही तरह एक समुद्री मार्ग है. इसकी चौड़ाई 32 किलोमीटर है. ये अरब को अफ्रीका से अलग करता है और लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने का काम करता है. बाब अल-मंदाब का मतलब है- आंसुओं का रास्ता. इस मार्ग से गुजरना इतना आसान नहीं होता. लेकिन जानकारी के मुताबिक, पूरी दुनिया का करीब 12 प्रतिशत ट्रेड इसी रास्ते से किया जाता है. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव से पहले US एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 में इस रास्ते से तेल की सप्लाई रोजाना 5.7 मिलियन बैरल होती थी, जो 2023 में बढ़कर 9.3 मिलियन तक पहुंच गई. लेकिन 2024 में जब हूती हमले हुए, तो इसमें भारी गिरावट आई और आंकड़ा 4.1 मिलियन बैरल तक पहुंच गया.

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भारत पर क्या असर होगा?

अगर बाब अल मंदाब को बंद किया जाता है तो भारत और बाकी साउथ एशियन देशों पर इसका बड़ा असर पड़ेगा. अगर ये रास्ता बंद होता है तेल की कीमतें आसमान छूं जाएंगी और इस रास्ते से होने वाले बाकी व्यापार को भी भारी नुकसान पहुंचेगा. जानकारी के मुताबिक, मंदाब से कच्चा तेल, रिफाइंड पेट्रोलियम, LNG, LPG के अलावा अनाज, स्टील, कपड़े और खिलौनों की सप्लाई होती है. अगर ईरान के कहने पर हेती इसे बंद कर देते हैं तो इन सब चीजों की ट्रेडिंग ठप पड़ जाएगी. दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी दी है कि अगर वो होर्मुज से गुज़र रहे जहाजों पर हमला करना बंद नहीं करता है तो उसे इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ेगा. जिसके जवाब में ईरान ने कहा कि अगर अमेरिका ऐसा करता है तो वो चुप नहीं बैठेगा और जो भी US का साथ देगा उसे भी इसका अंजाम झेलना पड़ेगा.

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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