नई दिल्ली: अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पाकिस्तानी उकसावे का भारत द्वारा सैन्य बल के साथ जवाब देने की अधिक संभावना है। यूएस इंटेलिजेंस कम्युनिटी रिपोर्ट के वार्षिक खतरे के आकलन में कहा गया है कि पाकिस्तान का भारत विरोधी आतंकवादी समूहों का समर्थन करने का एक लंबा इतिहास रहा है।
पाकिस्तान करवा सकता है आतंकी हमला
रिपोर्ट में कहा गया है कि नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारत और पाकिस्तान के बीच टकराव बढ़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान कश्मीर को अशांत करने की फिराक में है। भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध अक्सर कश्मीर मुद्दे और पाकिस्तान से निकलने वाले सीमा पार आतंकवाद को लेकर तनावपूर्ण रहे हैं।
अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट ने बताया कि दो परमाणु-सशस्त्र राज्यों के बीच बढ़ते चक्र के जोखिम के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच संकट विशेष चिंता का विषय है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि नई दिल्ली की मौजूदा सरकार के रवैये को देखते हुए इसकी अधिक संभावना है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि नई दिल्ली और इस्लामाबाद संभवत: 2021 की शुरुआत में नियंत्रण रेखा पर दोनों पक्षों के फिर से संघर्ष विराम के बाद अपने संबंधों में मौजूदा शांति को मजबूत करने के लिए इच्छुक हैं। बता दें कि भारत इसके पहले आतंकी हमले के बाद बड़ी कार्रवाई कर चुका है। उरी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की थी, जबकि पुलवामा हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया था।
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