हूती विद्रोहियों का सऊदी के एयरपोर्ट पर फिर अटैक, कई फ्लाइट्स डायवर्ट; अमेरिका ने अपने स्टाफ से निकलने को कहा

हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. क्योंकि हूतियों ने सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर भयानक हमला किया है. इस बीच अमेरिका की ट्रंप सरकार ने भी चौंकाने वाला फैसला ले लिया है.

donald trump | middle east | houthi rebels saudi arabia

अमेरिकी राष्ट्रपति ने एंबेसी स्टाफ को खाड़ी देशों से निकालने का आदेश जारी कर दिया है. CREDIT: PTI/SCREENGRAB

अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में अपने कुछ दूतावासों से कर्मचारियों और उनके परिवारों को हटाने की तैयारी कर रहा है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम यमन में ईरान समर्थित हूती मिलिशिया के साथ फिर से संघर्ष शुरू होने की आशंका के बीच उठाया जा रहा है. तीन अमेरिकी अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि अमेरिकी विदेश विभाग कुछ कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए ‘Ordered Departure’ जारी करने की तैयारी कर रहा है.

विज्ञापन

खबर अपडेट की जा रही है…

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ