Government employees announce lockdown: बलूचिस्तान में कर्मचारियों के बड़े संगठन ‘बलूचिस्तान ग्रैंड अलायंस’ ने 30 और 31 दिसंबर को सभी सरकारी संस्थानों में पूरी तरह लॉकडाउन करने का ऐलान किया. महासचिव अली असगर बंगुलजई ने कहा कि पाकिस्तान सरकार के निकम्मेपन और नाकाबलियत के चलते कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन दूसरे चरण में प्रवेश कर गया है, कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन लंबे समय से अपनी मांगों को न माने जाने के विरोध में जारी है. पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक डॉन के मुताबिक अक्टूबर की शुरुआत में पाकिस्तान के कलात में सुरक्षाकर्मियों ने बलूचिस्तान सरकार की लेवी फोर्स को पुलिस विभाग में शामिल करने के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था. पहले भी इसी तरह का विलय का प्रयास असफल रहा था और चेतावनी दी कि उसी कदम को दोहराया तो फिर से विफलता मिलेगी.
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लेवी फोर्स के पुलिस में विलय के खिलाफ नारेबाजी
प्रांतीय सरकार ने जब इसका नोटिफिकेशन जारी किया जो बलूचिस्तान भर में लेवी कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया था. बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, कलात में हुई लेवी के सदस्यों की रैली मुख्यालय से शुरू होकर शाही बाज़ार, हॉस्पिटल रोड, हरबोई रोड, दरबार रोड और अन्य प्रमुख क्षेत्रों से होते हुए मुख्यालय लौटी थी. प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां लिए लेवी फोर्स के पुलिस में विलय के खिलाफ नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए लेवी फोर्स के अधिकारियों और कर्मियों ने कहा कि लेवी फोर्स का 142 साल का इतिहास है और इसने बलूचिस्तान में कानून और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसमें कई सदस्यों ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अपनी जान गंवाई है.
छह डिवीजनों में लेवी फोर्स और पुलिस के विलय को मंजूरी
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बलूचिस्तान सरकार से मर्जर पर उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश को लागू करने और हाल ही में जारी अधिसूचना को तुरंत वापस लेने का अनुरोध किया. गौरतलब है कि 16 दिसंबर को जारी हुई अधिसूचना के मुताबिक, बलूचिस्तान सरकार ने प्रांतीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलते ही प्रांत के सात प्रशासनिक डिवीजन में से छह में प्रांतीय और संघीय लेवी फोर्स को मर्ज करने को मंजूरी देकर इन प्रभागों को ए-क्षेत्र घोषित कर दिया. जिन छह डिवीजनों में लेवी फोर्स और पुलिस के विलय को मंजूरी दी गई है, उनमें क्वेटा, रखशान, कलात, मकरान, झोब और नासिराबाद शामिल हैं. सिबी डिवीजन में तैनात लेवी फोर्स, जिसमें सिबी, कोहलू, डेरा बुगती, हरनाई और जियारत जिले को अभी बलूचिस्तान पुलिस में शामिल नहीं किया गया है.
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