मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर अब कई देशों पर दिखाई देने लगा है. इसी बीच बांग्लादेश में पेट्रोल और डीजल की कमी की खबर सामने आई है. हालात को संभालने के लिए बांग्लादेश सरकार ने देश में फ्यूल राशनिंग लागू करने का फैसला लिया है. इसका मतलब है कि अब लोगों को सीमित मात्रा में ही पेट्रोल और डीजल मिल पाएगा. सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, तेल की अंतरराष्ट्रीय सप्लाई प्रभावित होने की वजह से ये स्थिति बनी है. कई देशों से आने वाले तेल के जहाजों की सप्लाई में देरी हो रही है, जिससे बांग्लादेश में ईंधन की कमी हो गई है.

ये भी पढ़ें: Iran-US Tension: ‘बिना सरेंडर कोई समझौता नहीं…’ ईरान को ट्रंप की खुली चेतावनी

---विज्ञापन---

पेट्रोल पंपों पर बढ़ी भीड़

ईंधन की कमी की खबर फैलते ही कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं. लोग डर की वजह से ज्यादा से ज्यादा पेट्रोल और डीजल खरीदने की कोशिश कर रहे हैं. इससे कुछ जगहों पर ईंधन जल्दी खत्म भी हो रहा है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वो घबराएं नहीं और जरूरत के हिसाब से ही ईंधन खरीदें. अधिकारियों का कहना है कि अगर लोग ज्यादा मात्रा में ईंधन जमा करेंगे तो स्थिति और खराब हो सकती है.

---विज्ञापन---

सरकार ने तय की सीमा

फ्यूल राशनिंग के तहत अब अलग-अलग वाहनों के लिए पेट्रोल और डीजल की मात्रा तय कर दी गई है. मोटरसाइकिल, कार और बाकी वाहनों को सीमित मात्रा में ही ईंधन दिया जाएगा. मोटरसाइकिल को दिन भर में सिर्फ 2 लीटर पेट्रोल या ऑक्टेन, प्राइवेट कार को ज्यादा से ज्यादा 10 लीटर, बस और ट्रक के लिए भी 70 से 220 लीटर तक की सीमा तय की गई है. अब हर पेट्रोल पंप पर रसीद देना अनिवार्य है और पिछली खरीद की रसीद दिखाए बिना तेल नहीं मिलेगा. इस कदम का मकसद है कि उपलब्ध ईंधन को ज्यादा समय तक इस्तेमाल किया जा सके और सभी लोगों तक बराबर पहुंच सके. सरकार का कहना है कि ये एक अस्थायी कदम है और स्थिति सामान्य होते ही इसे हटा दिया जाएगा.

ये भी पढ़ें: इजरायल की ‘ब्लू स्पैरो’ ने खामेनेई को मार डाला? जानिए कितनी ताकतवर है ये मिसाइल

उद्योगों पर भी असर

ईंधन की कमी का असर सिर्फ आम लोगों पर ही नहीं बल्कि उद्योगों पर भी पड़ सकता है. कई फैक्ट्रियों और कंपनियों को अपने काम में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. अगर ये संकट लंबे समय तक चलता है तो उत्पादन और व्यापार भी प्रभावित हो सकता है. बांग्लादेश सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है. सरकार दूसरे देशों से भी तेल की सप्लाई बढ़ाने की कोशिश कर रही है ताकि देश में ईंधन की कमी को जल्दी दूर किया जा सके.