मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ा दावा किया है. ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के एयर डिफेंस सिस्टम ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास एक F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया है. ये इलाका दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक माना जाता है और यहां किसी भी तरह की मिलिट्री एक्टिविटी का असर ग्लोबल लेवल पर पड़ता है. ईरानी समाचार एजेंसी Fars News Agency ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए F-15 को टारगेट करते हुए दिखाया गया है. हालांकि, इस घटना की अब तक की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.हालांकि, इस दावे की अभी तक किसी अमेरिका या किसी अतंरराष्ट्रीय एजेंसी से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इससे पहले भी ऐसे कई मामलों में अलग-अलग पक्षों के दावे और वास्तविकता में फर्क देखा गया है.

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अमेरिका को कितना नुकसान?

मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष में अमेरिकी सेना को भी भारी नुकसान हुआ है. जानकारी के मुताबिक, अब तक अमेरिका के 17 मिलिट्री एयरक्राफ्ट तबाह हो चुके हैं. अमेरिका के 12 ड्रोन, 4 विमान और एक F-35 फाइटर जेट ईरान के हमलों का शिकार बन चुके हैं. ईरान ने अमेरिका के 12 MQ-9 रीपर ड्रोन तबाह कर दिए हैं. MQ-9 Reaper एक एड्वांस ड्रोन है, जिसका इस्तेमाल लंबे समय तक निगरानी और सटीक हमलों के लिए किया जाता है. इसमें हेलफायर मिसाइलें लगी होती हैं और ये करीब 27 घंटे तक हवा में रह सकता है. एक रीपर ड्रोन की कीमत लगभग 250 करोड़ रुपये बताई जाती है.

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अमेरिका के कई ड्रोन तबाह

अमेरिका ने इन ड्रोन को ईरान के मिलिट्री अड्डों और रिवोल्यूशनरी गार्ड के कैंप्स को तबाह करने के लिए भेजा था, लेकिन ईरान की मजबूत एयर डिफेंस और मिसाइल सिस्टम ने इन्हें तबाह कर दिया.हाल ही में अमेरिका ने तीन F-15 लड़ाकू विमान ईरान पर हमला करने के लिए भेजे थे, लेकिन कुवैत की वायुसेना ने इन्हें दुश्मन का समझकर मिसाइल से अटैक कर दिया. इस हादसे में तीनों पायलट्स की मौत हो गई. दरअसल, इस समय ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव चरम पर है. हाल ही में कई जगहों पर मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं. ईरान ने कई बार दावा किया है कि उसने दुश्मन देशों के लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया है, लेकिन कई बार इन दावों को अमेरिका और उसके सहयोगियों ने खारिज किया है.

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