अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव और भयानक रूप लेता जा रहा है, दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा दिया है. इसी बीच ईरान ने कई बड़े दावे किए हैं, जिनमें अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने, होर्मुज के पास दो तेल टैंकरों में विस्फोट और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले शामिल हैं. हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में किए जा रहे इन दावों की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर एक बार फिर वैश्विक बाजार पर पड़ता दिखाई दे रहा है.

ईरान ने तबाह किया अमेरिकी ड्रोन

ईरानी सरकारी मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अनुसार, बुशेहर प्रांत के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को ईरानी एयर डिफेंस ने निशाना बनाकर तबाह कर दिया. रिपोर्टों में दावा किया गया है कि लगभग 3.4 करोड़ डॉलर कीमत वाला अमेरिका का एडवांस्ड ड्रोन एक झटके में ही राख बन गया. आपको बता दें कि MQ-9 रीपर अमेरिका का लंबी दूरी तक निगरानी और सटीक हमलों के लिए इस्तेमाल होने वाला प्रमुख मानव रहित विमान माना जाता है.

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होर्मुज में फिर गहराया संकट


मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक होर्मुज से गुजर रहे दो तेल टैंकर बारूदी सुरंगों वाले क्षेत्र में पहुंच गए, जहां विस्फोट के बाद उनमें भीषण आग लग गई. ईरानी नौसेना का कहना है कि जहाजों को पहले ही इस मार्ग से दूर रहने की चेतावनी दी गई थी. IRGC ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के चलते होर्मुज स्ट्रेट अब सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक हो चुका है. गौरतलब है कि ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते अगर होर्मुज में आवाजाही प्रभावित होती है तो इसका सीधा असर वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ सकता है.

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मिसाइलों की बौछार


ईरान ने इसके साथ ही यह दावा भी किया है कि उसकी मिसाइलों ने कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. ईरानी मीडिया के मुताबिक, जॉर्डन स्थित मुवाफ्फक साल्टी एयर बेस पर कई मिसाइलें दागी गईं, जहां अमेरिकी सैन्य बल तैनात हैं. रिपोर्टों में कहा गया कि अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव होने के बावजूद कुछ मिसाइलों ने अपने टारगेट पर सटीक निशाना लगाया.

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