अमेरिकी राष्ट्रपति जहां पूरी दुनिया पर राज करने का सपना देखते हैं, वहीं अमेरिका की दूसरी तस्वीर दुनिया का सबसे बड़ा कर्जदार होने की है, जिसका रिकॉर्ड तक बन चुका है. जी हां, अमेरिका का कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर यानी 3828 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जो नया रिकॉर्ड है. रिकॉर्ड के अनुसार, हर 5 महीने में अमेरिका का कर्ज 1 ट्रिलियन डॉलर बढ़ा है, जिसका असर देश की जनता की जेब पर बढ़ रहा है. अमेरिका के बढ़ते कर्ज ने लोगों की जेब, खर्च और आर्थिक स्थिति पर डालना शुरू कर दिया है, क्योंकि कुछ सेक्टर ऐसे हैं, जिनके लिए सरकार को कर्ज लेना पड़ा.

डोनाल्ड ट्रंप तीसरी बार बनेंगे राष्ट्रपति? 2028 का चुनाव लड़ने की अटकलें, जानें सोशल मीडिया पोस्ट में क्या दिए संकेत?

---विज्ञापन---

हर 5 महीने में एक ट्रिलियन डॉलर कर्ज बढ़ा

बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन के कार्यकाल में कर्ज दोगुना हुआ. अमेरिकी सरकार कर्ज का सबसे बड़ा हिस्सा डेफेंस, सोशल सिक्योरिटी और मेडिकेयर पर खर्च कर रहा है. वहीं कर्ज पर जो ब्याज चुकाया जाता है, वह भी सरकारी कर्ज से चुकाया जा रहा है. यहां ध्यान देने वाली खास बात यह है कि अमेरिका का कर्ज हर 5 महीने में 1 ट्रिलियन डॉलर बढ़ रहा है. पिछले कुछ महीनों में कर्ज तेजी से बढ़ा है, जैसे अक्टूबर में कर्ज 38 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा था. 5 महीने के बाद मार्च में 39 ट्रिलियन डॉलर और अब अगस्त में कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है.

कर्ज का असर भविष्य में खर्चों पर पड़ेगा

आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका के कर्ज में पिछले 10 महीनों में 2 ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई. यह आंकड़ा सिर्फ अमेरिका की सरकार पर चढ़े कर्ज का रिकॉर्ड नहीं, बल्कि उस बढ़ते दबाव का संकेत भी है, जिसका खामियाजा भविष्य में अमेरिका के बजट को भुगतना पड़ेगा. अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार, 18 अगस्त को कुल कर्ज 40.047 ट्रिलियन डॉलर दर्ज किया गया. इसमें जनता को दी गई 32.266 ट्रिलियन डॉलर की सरकारी सुरक्षा और 7.782 ट्रिलियन डॉलर का अंतर-सरकारी कर्ज भी शामिल है. यह कर्ज अमेरिका की सरकार को होने वाली आय से कहीं ज्यादा हो गया है.

---विज्ञापन---

इन सेक्टर में ज्यादा खर्च करती सरकार

बता दें कि सामाजिक योजनाओं की बढ़ती लागत और कर्ज के ब्याज के भुगतान के कारण कर्ज बढ़ रहा है. अमेरिका अपने डेफेंस सेक्टर में भारी रकम खर्च करता है. सोशल सिक्योरिटी और मेडिकेयर जैसी कल्याणकारी योजनाओं पर भी खर्च होता है. वहीं पुराने कर्ज का बयान चुकाने से सरकारी खजाने पर असर पड़ रहा है. सरकार के लिए रक्षा खर्च बढ़ाना जरूरी है, दूसरी ओर आम लोगों के लिए कुकिंग गैस, राशन, दवाइयां आदि का खर्च कम करने की चुनौती है. यही वजह है कि लगातार बढ़ता कर्ज अमेरिकी सरकार की प्राथमिकताओं से ज्यादा चिंताजनक सवाल बन गया है.

ईरान से ‘महाजंग’ के बीच ट्रंप का बड़ा फैसला, प्रशांत महसागर से हटाया आखिरी युद्धपोत, जानें चीन ने क्यों जताई खुशी?

---विज्ञापन---

होम लोन और कार लेना पर असर पड़ेगा

अमेरिकी सरकार सरकारी खर्च की फिजूलखर्ची, धोखाधड़ी और गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने का प्रयास कर रही है. लेकिन लगातार बढ़ते कर्ज का असर आम अमेरिकियों की जेब पर पड़ सकता है. सरकार को कर्ज का ज्यादा ब्याज देना पड़ता है तो दूसरे काम करने के लिए पैसा कम पड़ जाता है. इस स्थिति का असर घर खरीदने के लिए मिलने वाले होम लोन और कार लोन पर पड़ता है. कंपनियों के पास इन्वेस्टमेंट के लिए कम पैसा बचता है, जिसका असर लोगों की सैलरी पर भी असर पड़ रहा है. रोजमर्रा के सामानों खरीदने और सेवाओं के महंगे होने से दबाव बढ़ सकता है.

विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में अमेरिका की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. ज्यादा कर्ज मतलब ज्यादा ब्याज है. ऐसे में अमेरिका की सरकार को भविष्य में खर्च को लेकर कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं. बाइपार्टिसन पॉलिसी सेंटर (BPC) के अनुसार, 2027 में अमेरिका का कर्ज 41.1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है.

---विज्ञापन---

---विज्ञापन---