मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर आक्रामक बयान दिया है. ट्रंप ने दावा किया है कि ईरानी शासन पूरी तरह से हार मान चुका है और अब उनके पास अमेरिका की शर्तों पर समझौता करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है. ट्रंप के इस बयान ने वैश्विक राजनीति और तेल बाजारों में हलचल मचा दी है.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'ईरानी शासन अब खुद यह स्वीकार कर रहा है कि उन्हें निर्णायक रूप से हरा दिया गया है. वे लोगों से कह रहे हैं - यह एक आपदा है. वे इसे जानते हैं. इसीलिए वे हमसे बात कर रहे हैं. वे वापसी नहीं कर सकते. हम उनके शहरों और कस्बों के ऊपर घूमने और उनके द्वारा बनाए जा रहे उन सभी पागलपन भरे परमाणु हथियारों, मिसाइलों और ड्रोनों को नष्ट करने के लिए स्वतंत्र हैं.'
---विज्ञापन---
यह भी पढ़ें : ईरान को भड़का सकता है डोनाल्ड ट्रंप का ये बयान, समझौते को लेकर किया हैरान करने वाला दावा
---विज्ञापन---
साथ ही कहा, 'अब उनके पास डील करने का मौका है, लेकिन यह उन पर निर्भर है, और वे आपसे कहेंगे कि हम बातचीत नहीं कर रहे हैं. हम बातचीत नहीं करेंगे. बेशक, वे ही बातचीत करेंगे. उन्हें मिटा दिया गया है. वे डील करने के लिए भीख मांग रहे हैं. हम देखेंगे कि क्या हम सही डील कर सकते हैं, और यदि वे सही डील करते हैं, तो होर्मुज स्ट्रेट खुल जाएगा.'
ट्रंप का यह बयान साफ करता है कि अमेरिका अब ईरान पर अधिकतम दबाव की नीति अपना रहा है और किसी भी प्रकार की सैन्य या परमाणु चुनौती को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है.
यह भी पढ़ें : इजरायल ने ईरान के बंदर अब्बास पर की स्ट्राइक, नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसिरी की मौत
बता दें, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया था. ईरान ने पलटवार करते हुए इजरायल पर कई मिसाइलें दागी थीं. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट के दूसरे देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी निशाना बनाया.