राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका की कमान संभाले अभी 3 महीने भी नहीं हुए हैं, लेकिन उनके फैसलों से यूएस की जनता नाराज हो गई। अमेरिका में भारी की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप एवं एलन मस्क के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसे लेकर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें भारी भीड़ नजर आ रही है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विभाजनकारी नीतियों को लेकर अमेरिकी वासियों में आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने वाशिंगटन, न्यूयॉर्क, ह्यूस्टन, फ्लोरिडा, कोलोराडो और लॉस एंजिल्स समेत कई शहरों में सरकार के खिलाफ रैली निकाली। प्रदर्शन में शामिल न्यूयॉर्क की पेंटर शाइना केसनर ने कहा कि हर समय मैं बहुत क्रोधित हूं, मैं बहुत गुस्से में हूं। आज हमारे देश को ऐसे लोग कंट्रोल कर रहे हैं, जिन पर कई आरोप लगे हैं। यह अच्छा नहीं है।
घर में भी मची तबाही
64 वर्षीय बाइक टूर गाइड डायने कोलिफ्रैथ ने कहा कि हमारे साथ लगभग 100 लोग हैं, जो न्यू हैम्पशायर से बस और वैन द्वारा इस प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए आए हैं। हमें दुनिया भर में अपने सहयोगियों को खोना पड़ रहा है और यहां घर में तबाही मची हुई है। भीड़ में एक व्यक्ति ने तख्ती पकड़ी हुई थी, जिस पर लिखा है- अमेरिका के लिए कोई राजा नहीं।
कुछ यूरोपीय राजधानियों तक फैलीं रैलियां
यह रैलियां कुछ यूरोपीय राजधानियों तक भी फैलीं, जहां प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप और उनकी आक्रामक ट्रेड पॉलिसी का विरोध किया। लंदन में एक रैली में अमेरिकी-ब्रिटिश दोहरी नागरिकता रखने वाली लिज चैंबरलिन ने एएफपी को बताया कि अमेरिका में जो कुछ हो रहा है, वह हर किसी की समस्या है। यह आर्थिक पागलपन है। हमें वैश्विक मंदी की ओर धकेलने जा रहा है।
‘ट्रंप ने संवैधानिक संकट पैदा कर दिया’
बर्लिन में 70 वर्षीय सेवानिवृत्त सुसैन फेस्ट ने कहा कि ट्रंप ने एक संवैधानिक संकट पैदा कर दिया है। वह आदमी पागल है। प्रदर्शनकारियों के एक ग्रुप ने कहा कि अमेरिका में मूवऑन और विमेंस मार्च जैसे वामपंथी समूहों के एक गठबंधन ने 1,000 से अधिक शहरों और प्रत्येक जिलों में ‘हैंड्स ऑफ’ कार्यक्रम आयोजित किए।