Donald Trump Criticises US Supreme Court: अमेरिका में इस साल होने वाले मिड-टर्म इलेक्शन होने वाले हैं, लेकिन इससे पहले मेल इन वोटिंग पर नई पाबंदियां लगाने की डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की कोशिश को सुप्रीम कोर्ट के जजों ने खारिज कर दिया है. इसके यूएस प्रेसिडेंट ने अपने मुल्क की सबसे बड़ी अदालत की कड़ी आलोचना की है.
अदालत का ‘आपातकालीन फैसला’
सोमवार, 14 सितंबर 2026 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने एक इमरजेंसी फैसला सुनाया. इसमें संकेत दिया गया कि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से प्रस्तावित पाबंदियों के कानूनी चुनौतियों में टिके रहने की संभावना कम है, कम से कम 3 नवंबर के चुनाव के लिए तो नहीं ही.
यह भी पढ़ें- ‘एनर्जी ठिकानों पर हमले नहीं करेंगे रूस-यूक्रेन’, ट्रंप का दावा- जंग के कारण बढ़े डीजल के दाम
क्या थी ट्रंप की कोशिश?
ट्रंप प्रशासन चाहता था कि मेल-इन बैलेट पाने की एलिजिबिलिटी तय करने में अमेरिकी डाक सेवा की भूमिका बढ़ाई जाए. हालांकि, राज्य के चुनाव अधिकारियों ने इस कदम का विरोध किया. उनका तर्क था कि इलेक्शन से पहले ऐसे बदलाव लागू करने के लिए काफी कम वक्त है. उन्होंने ये भी कहा कि राज्य-स्तर पर मौजूद सिस्टम सुरक्षित और भरोसेमंद हैं.
जजों पर ट्रंप का निशाना साधा
मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को फैसले पर अपना रिएक्शन देते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट पर देश के हित में काम न करने का आरोप लगाया. सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट में उन्होंने तर्क दिया कि इस फैसले के अमेरिका के लिए गंभीर नतीजे होंगे. डोनाल्ड ट्रंप ने उन जजों की भी आलोचना की जिन्होंने उनके प्रशासन के खिलाफ फैसला दिया, जिनमें नील गोरसच, एमी कोनी बैरेट और ब्रेट कवानाघ शामिल हैं. इन तीनों को ट्रंप ने अपने पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान सुप्रीम कोर्ट के लिए नॉमिनेट किया था.
यह भी पढ़ें- 1.93 मिलियन डॉलर में बिका डोनाल्ड ट्रंप का बचपन का घर, पिता ने बनवाया था 1940 में; जानें कैसे बदली इसकी तस्वीर?
‘देश को होगा नुकसान’
ट्रंप ने कहा, ‘ये वो लोग नहीं हैं जिनका मैंने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में सेवा करने के लिए इंटरव्यू लिया था.’ उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जज अपने मूल न्यायिक नजरिए पर कायम रहे हैं. उन्होंने कोर्ट पर ये आरोप भी लगाया कि वो ‘रेडिकल लेफ्ट’ से प्रभावित है और दावा किया कि हाल के कई फैसलों से देश को नुकसान पहुंचा है. ये विवाद ऐसे वक्त में सामने आया है जब चुनाव अधिकारी नवंबर के मिड-टर्म इलेक्शन की तैयारी कर रहे हैं और अमेरिका में मेल वोटिंग एक बार फिर एक बड़ा राजनीतिक और कानूनी मुद्दा बनकर उभरा है.
संबंधित खबरें
फ्लाईदुबई के को-पायलट की तेल अवीव एयरपोर्ट पर विमान क्रैश करने की थी योजना
1 hr ago'झूठ फैलाना बंद करो', कश्मीर के मुद्दे पर भारत ने UN में PAK को फिर लताड़ा
2 hrs agoUAE के पास तेल के जहाज पर ड्रोन हमला, बाल-बाल बचे 22 भारतीय क्रू मेंबर्स
4 hrs agoडोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, रूस से खरीदेंगे डीजल; भारत को देते थे धमकी
7 hrs agoपिल्लई को नोबेल पीस अवॉर्ड मिलने के बाद ट्रंप का बड़ा एक्शन, ICC पर बैन
16 hrs agoपाकिस्तान में 4 प्रांतों को बांटने की तैयारी, असीम मुनीर का प्लान चर्चा में
22 hrs agoदादा-दादी थे बंधुआ मजदूर, भारत से गए थे अफ्रीका... जानें कौन हैं नवी पिल्लई
1 day agoभारतीय मूल की नवनेथेम 'नवी' पिल्लई को मिला 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार
1 day agoश्रीलंकाई हिंदू ने इस्लाम को लेकर किया था कमेंट, सऊदी ने सुनाई मौत की सजा
1 day agoUS में 13 लोगों को गोलियों से भूनने वाले को सब के सामने मिलेगी मौत की सजा
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines