अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर एक ऐसे आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिसने सभी की चिंता बढ़ा दी है। इस आदेश के जरिए ट्रंप अमेरिकी चुनावी प्रणाली में बड़े बदलाव करने की प्लानिंग कर रहे हैं, जिसके अनुसार चुनाव में वोट डालने के लिए सभी नागरिकों के पास नागरिकता प्रमाण पत्र होना बेहद जरूरी है।
ट्रंप ने क्यों लिया यह फैसला?
डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए मतदाता पंजीकरण के लिए नागरिकता का दस्तावेजी प्रमाण अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में पासपोर्ट जैसे दस्तावेज होना बेहद जरूरी है। नागरिकता प्रमाण से जुड़े दस्तावेज चुनाव के दिन तक जमा हो जाना चाहिए, वरना मतदाता वोट नहीं डाल सकेंगे। ट्रंप का कहना है कि इससे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सकेगी।
डोनाल्ड ट्रंप के आदेश क्या-क्या?
1. मतदाता पंजीकरण के लिए नागरिकता प्रमाणपत्र का होना अनिवार्य है।
2. चुनाव के बाद मेल इन बैलेट स्वीकार नहीं होंगे।
3. सभी राज्य संघीय एजेंसियों के साथ मतदाता सूची साझा करें और चुनाव से जुड़े अपराधों की जांच में मदद करेंगे।
4. नियमों को न मानने वाले राज्यों पर कार्रवाई की जाएगी और उनकी वित्तीय मदद में कटौती की जा सकती है।
चुनाव में धोखाधड़ी का दावा
ट्रंप का कहना है कि काफी लंबे समय से चुनावी प्रणाली में धोखाधड़ी हो रही है। खासकर मेल इन वोटिंग का गलत इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए उन्होंने इस नए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि ट्रंप के इस आदेश को अमली जामा पहनाना आसान नहीं होगा।
ये हो सकती है चुनौती
अमेरिकी संविधान के अनुसार चुनाव में बदलाव करने का मुख्य अधिकार कांग्रेस (संसद) और राज्यों के पास है। डेमोक्रेट्स और सिविल सोसायटी के लोगों ने इस आदेश को गैरकानून बताया है। ट्रंप के इस आदेश को जल्द ही आदलत में चुनौती दी जा सकती है।