अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 100 प्रतिशत टैरिफ को लेकर एक ऐलान किया है. उन्होंने भारत समेत 5 देशों को रूस से तेल और गैस खरीदने पर टैरिफ से छूट दे दी है. यानी रूस से तेल और गैस खरीदने पर इन देशों पर टैरिफ नहीं लगाया जाएगा. राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ नहीं लगाने का फैसला ‘लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ के तहत लिया है. ट्रंप ने स्पष्ट किया कि भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान रूस से तेल और गैस खरीद सकते हैं. रूस के साथ अपना आर्थिक और ऊर्जा सहयोग बढ़ा सकते हैं, इसके लिए अमेरिका टैरिफ नहीं लगाएगा.
ट्रंप ने टैरिफ नहीं लगाने का फैसला क्यों लिया?
बता दें कि रूस के प्रति अमेरिका ने नरम रुख अपनाया हुआ और हाल ही राष्ट्रपति ट्रंप की सरकार ने रूस की पुतिन सरकार के साथ डीजल को लेकर समझौता किया है. इस बीच रूस के प्रति और नरमी दिखाते हुए उन्होंने रूसी तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ नहीं लगाने का ऐलान कर दिया है. ट्रंप का कहना है कि उन्होंने राष्ट्रीय हित में टैरिफ न लगाने का फैसला किया है और इससे संबंधित एक लेटर कांग्रेस को सौंप दिया है. ग्राहम एक्ट की धारा 115 के तहत प्रतिबंधों, पाबंदियों और टैरिफ लागू करने की छूट दे रहा हूं और ऐसा करने से अमेरिका की जनता का फायदा होगा.
ग्राहम एक्ट के तहत लगाना था 100% टैरिफ
बता दें कि 19 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ पर हस्ताक्षर किए थे. इस कानून के तहत रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले 5 देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रावधान था. इन देशों में चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी, अजरबैजान शामिल थे. अगस्त 2026 में बिल को अमेरिकी सीनेट में 86-11 वोटों के अनुपात से पास किया था, लेकिन अब ट्रंप ने इसी एक्ट की धारा 115 के तहत टैरिफ से छूट देने के अधिकार का इस्तेमाल किया और अपने सबसे अच्छे दोस्त और मजबूत बिजनेस पार्टनर भारत को फायदा पहुंचाया.