Hormuz Strait Security Alliance: मिडिल ईस्ट की जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक फैसला किया है, जो ईरान के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट सुरक्षा गठबंधन बनाने की घोषणा की है, जिसका ऐलान भी वे इसी हफ्ते कर देंगे। इस गठबंधन का मकसद होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले ऑयल टैंकर को सुरक्षा प्रदान करना होगा। ट्रंप ने दुनियाभर के देशों से इस गठबंधन में शामिल होने की अपील की है।
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देशों से गठबंधन का मेंबर बनने की अपील
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रखने और ग्लोबल ऑयल सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय नौसैनिक गठबंधन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए उन्होंने चीन, फ्रांस, जापान, ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया से होर्मुज स्ट्रेट सुरक्षा गठबंधन में शामिल होने और अपने युद्धपोत होर्मुज स्ट्रेट में तैनात करने के लिए भेजने की अपील की है। क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते 20% ग्लोबल ऑयल सप्लाई होता है, लेकिन ईरान इसे बाधित करता रहता है।
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NATO सहयोगियों को ट्रंप ने दी चेतावनी
ट्रंप ने एयर फोर्स वन में फ्लोरिडा से वाशिंगटन लौटते समय पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया और NATO सहयोगियों को कड़ा संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि अगर NATO में सहयोगी देश ईरान के खिलाफ अमेरिका के युद्ध में सहयोग नहीं करेंगे, तो NATO गठबंधन का बहुत बुरा भविष्य होगा। वहीं NATO महासचिव जेम्स स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि संगठन और इसके मेंबर देश अमेरिका के साथ खड़े हैं, लेकिन युद्ध में प्रत्यक्ष भागीदारी पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
अमेरिका-इजरायल के होर्मुज स्ट्रेट बंद
एक इंटरव्यू में भी ट्रंप ने कहा था कि NATO को अमेरिका का साथ देना होगा, वरना यह गठबंधन टूट जाएगा। ट्रंप चाहते हैं कि होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई होने वाला तेल जिस-जिस देश तक पहुंचता है, वह सभी देश इसकी सुरक्षा के लिए आगे आएं। बता दें कि ईरान ने अमेरिका और इजरायल के होर्मुज स्ट्रेट को बंद रखने का ऐलान किया है। साथ ही भारत को अपना दोस्त बताते हुए इंडियन ऑयल टैंकरों को सुरक्षित होर्मुज स्ट्रेट पार कराने का आश्वासन भी दिया है।
वहीं भारत ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले अपने ऑयल टैंकरों की सिक्योरिटी के लिए 'ऑपरेशन संकल्प' शुरू किया है। इसके तहत समुद्र में नौसेना को तैनात किया गया है।