Delta Airlines Suspends Food Service in Flights: हवाई यात्रियों के लिए बेहद जरूरी खबर है। अमेरिका की सबसे बड़ी एयरलाइन की फ्लाइटों ने अब खाना नहीं मिलेगा। एयरलाइन ने अपनी 200 से अधिक डेट्रॉयट फ्लाइटों में फूड सर्विस सस्पेंड कर दी है। डेट्रॉयट मेट्रोपॉलिटन एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली डेल्टा एयर लाइन्स की 200 से अधिक फ्लाइटों के पैसेंजरों को अब फ्लाइट में खाने का इंतजाम खुद ही करना होगा।
एयरलाइन की ओर से कहा कहा गया है कि एयरलाइन को फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा एयरलाइन के पैसेंजरों को एयरपोर्ट की रसोई से उपलब्ध कराए जाने वाले खाने में अनियमितता होने की रिपोर्ट दी गई है। इसलिए एयरलाइन ने अगले आदेश तक अपनी फ्लाइटों में पैसेंजरों को फूड उपलब्ध कराने पर रोक लगा दी है।
खराब चिकन खाने से बीमार हो गए थे पैसेंजर्स
एयरलाइन ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि डेट्रॉयट मेट्रो एयरपोर्ट पर एयरलाइन की रसोई में बनने वाले खाने का निरीक्षण फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा किया गया। इस दौरान खाने में अनियमितताएं मिलीं तो रसोई में खाना बनाने पर रोक लगा दी गई। डेल्टा ने कहा कि वह अब फ्लाइटों में फूड सर्विस बहाल करने के लिए गर्म और ठंडा खाना तैयार करने के तरीके में बदलाव कर रहा है।
इंतजाम होने के बाद ही फूड सर्विस बहाल करने का फैसला लिया जाएगा। जुलाई 2024 में डेट्रॉयट से एम्सटर्डम के लिए टेकऑफ हुई फ्लाइट में डेल्टा की ओर से पैसेंजरों को फफूंदी वाला चिकन परोसा गया था, जिससे कई यात्री बीमार हो गए थे। इस समस्या के कारण फ्लाइट को न्यूयॉर्क में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। इसके बाद रसोई के खाने की जांच की गई थी।
थर्ड-पार्टी कैटरिंग किचन से एयरलाइन का समझौता
हालांकि अभी मामले में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा टिप्पणी नहीं की गई है, लेकिन एयरलाइन ने कहा कि किसी भी कर्मचारी या ग्राहक के बीमार होने की सूचना नहीं मिली थी। फिर भी पीड़ित ग्राहकों को मुआवजे के रूप में ट्रैवल वाउचर या फ्रीक्वेंट फ्लायर माइल्स दिए गए हैं। एयरलाइन्स एक दिन में हज़ारों फूड पैकेट यात्रियों को परोसती है।
आम तौर पर यह सर्विस थर्ड-पार्टी कैटरिंग किचन के जरिए दी जाती है। डेल्टा के साथ काम करने वाली डू एंड कंपनी ने भी मामले पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की। कंपनी के साथ एयरलाइन अधिकारियों की बातचीत चल रही है। अगर कंपनी के काम में लापरवाही मिलेगी तो कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट खत्म किया जाएगा और किसी दूसरी कंपनी को खाना बनाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।