मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच चीन ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है. चीन ने कहा है कि किसी भी देश के अंदर बाहरी हस्तक्षेप या सत्ता परिवर्तन की कोशिशें गलत हैं. चीन का मानना है कि हर देश को अपनी राजनीतिक व्यवस्था तय करने का पूरा अधिकार होना चाहिए. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने साफ कहा कि मजबूत मुट्ठी का मतलब ये नहीं कि तर्क भी मजबूत हो. उनका कहना है कि किसी देश पर ताकत दिखाकर अपनी बात मनवाने की कोशिश करना सही तरीका नहीं है. अंतरराष्ट्रीय समस्याओं का समाधान बातचीत और कूटनीति से ही होना चाहिए.

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चीन ने क्या कहा?

चीन ने साफ कहा है कि किसी भी देश में सरकार बदलने का फैसला वहां की जनता को करना चाहिए. बाहरी ताकतों का किसी देश की राजनीति में दखल देना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है. चीन का कहना है कि इतिहास में कई बार देखा गया है कि जब बाहरी ताकतें किसी देश के अंदरूनी मामलों में दखल देती हैं तो वहां हालात और खराब हो जाते हैं. इससे संघर्ष और अस्थिरता बढ़ती है. इसी वजह से चीन ने सभी देशों से अपील की है कि वो संयम रखें और सैन्य कार्रवाई से बचें. चीन का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान हमेशा बातचीत से ही निकल सकता है, युद्ध या सैन्य ताकत से समस्या और बढ़ जाती है.

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बातचीत से हल निकालने पर जोर

चीन ने सभी पक्षों से कहा है कि वो तनाव कम करने की कोशिश करें और शांति का रास्ता अपनाएं. कूटनीतिक बातचीत से ही लंबे समय तक स्थिरता लाई जा सकती है. चीनी विदेश मंत्री ने क्षेत्र में बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि मध्य पूर्व के देशों को अपने मामले खुद तय करने चाहिए. उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व के लोग इस क्षेत्र के सच्चे स्वामी हैं, और इस क्षेत्र के मामलों का निपटारा वहां के देशों को खुद स्वतंत्र रूप से करना चाहिए. उन्होंने कहा कि चीन मिडिल ईस्ट में व्यवस्था बहाल करने, वहां के लोगों को शांति दिलाने और विश्व में शांति लाने के लिए क्षेत्र के देशों के साथ काम करने के लिए तैयार है.

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