अंतरिक्ष के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है. NASA का Artemis 2 मिशन 10 दिन बाद सफलतापूर्वक पृथ्वी पर लौट आया है. इस मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा के पास तक यात्रा की और फिर सुरक्षित रूप से धरती पर वापसी की. आर्टेमिस-2 मिशन का स्प्लैशडाउन (समुद्र में लैंडिंग) तय समय के मुताबिक किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा. लैंडिंग के बाद चारों अंतरिक्षयात्रियों को सुरक्षित निकालकर USS John P. Murtha पर ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल चेकअप हुआ. USS John P. Murtha जहाज को खासतौर पर मरीन्स को समुद्र से लेकर जमीन तक ले जाने के लिए बनाया गया है, लेकिन इस बार इसे नासा के आर्टेमिस-2 मिशन के लिए स्पेशल रिकवरी शिप के रूप में चुना गया.

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राष्ट्रपति ट्रंप ने दी बधाई

नासा ओरियन स्पेसक्राफ्ट ने 11 अप्रैल की सुबह 5:37 बजे अमेरिका के सैन डिएगो के तट के पास समंदर में स्पलैशलैंडिंग की. ये मिशन 54 साल बाद इंसानों को चंद्रमा के पास ले जाने वाला पहला क्रूड मिशन है. इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल रहे-रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टिना कोच और कनाडा के जेरेमी हैंसन. ये मिशन कई मायनों में खास रहा, क्योंकि इसमें पहली बार एक महिला और एक अश्वेत अंतरिक्ष यात्री चांद के इतने करीब पहुंचे. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टेमिस 2 मिशन के पूरे होने को लेकर NASA की पूरी टीम को बधाई दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि आर्टेमिस II के महान और मेधावी क्रू को हार्दिक बधाई. पूरी यात्रा शानदार रही. ट्रंप ने कहा कि बतौर राष्ट्रपति होने पर उन्हें इससे ज्यादा गर्व नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि वो क्रू से मिलने के लिए व्हाइट हाउस में उनका इंतजार कर रहे हैं. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इसे फिर से दोहराएगा और फिर अगला कदम मंगल ग्रह होगा.

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क्यों खास है ये मिशन?

NASA के मुताबिक, अंतरिक्ष यान ने पृथ्वी के वायुमंडल में एंट्री करते समय बेहद ज्यादा तापमान और दबाव का सामना किया, लेकिन मॉडर्न तकनीक और सही प्लानिंग की वजह से ये सुरक्षित महासागर में उतरा. स्प्लैशडाउन के तुरंत बाद रेस्क्यू टीम ने अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला. इस मिशन में शामिल अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा के आसपास की कक्षा में घूमते हुए कई अहम वैज्ञानिक प्रयोग किए. इन प्रयोगों से भविष्य के मिशनों के लिए महत्वपूर्ण डेटा मिलेगा. खासकर, चंद्रमा पर ह्यूमन सेटलमेंट की दिशा में यह जानकारी बेहद अहम मानी जा रही है.

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आर्टेमिस-1 का दूसरा फेज है

आर्टेमिस-2 मिशन, आर्टेमिस प्रोग्राम का दूसरा फेज है. इससे पहले आर्टेमिस-1 मिशन बिना ह्यूमन के भेजा गया था, जबकि आर्टेमिस-2 में अंतरिक्ष यात्री शामिल थे. ये मिशन भविष्य के आर्टेमिस-3 मिशन की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इंसानों को चंद्रमा की सतह पर उतारने की योजना है. NASA के अधिकारियों ने इस सफलता को ऐतिहासिक बताया है. उनका कहना है कि ये मिशन न सिर्फ तकनीकी रूप से सफल रहा, बल्कि इससे अंतरिक्ष यात्रा के नए आयाम भी खुलेंगे.