इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौत की उड़ती अफवाहों के बीच एक नया वीडियो सामने आया है. सोमवार को जारी इस संदेश में नेतन्याहू ने ईरान के बहादुर लोगों को उनके आने वाले त्योहारों की शुभकामनाएं दी हैं. वर्तमान में दोनों देशों के बीच जारी युद्ध जैसी स्थिति के बावजूद नेतन्याहू ने ईरानी जनता को सीधे संबोधित किया है. उनके इस कदम को एक बड़े कूटनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है जिसमें वे ईरानी सरकार और वहां की जनता के बीच फर्क दिखाने की कोशिश कर रहे हैं. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और चर्चा का विषय बना हुआ है.
रोशनी के त्योहार ‘चहारशंबे सूरी’ की बधाई
नेतन्याहू ने अपने संदेश में विशेष रूप से ‘चहारशंबे सूरी’ का जिक्र किया जो ईरान का एक प्राचीन और पारंपरिक त्योहार है. उन्होंने कहा कि मैं ईरान के बहादुर लोगों को हर साल की तरह इस बार भी रोशनी के इस पर्व की बधाई देता हूं. यह त्योहार ईरानी लोगों के उस पुराने विश्वास को दर्शाता है कि रोशनी हमेशा अंधेरे पर जीत हासिल करती है. नेतन्याहू ने अंग्रेजी में बोलते हुए और फारसी सबटाइटल्स के साथ यह संदेश जारी किया है ताकि इसे ईरान के आम नागरिक आसानी से समझ सकें. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंत में बुराई पर अच्छाई की ही जीत होती है जो इस त्योहार का मुख्य संदेश है.
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नौरोज पर आजादी और नई उम्मीद की दुआ
ईरानी नववर्ष यानी नौरोज का जिक्र करते हुए इजराइली प्रधानमंत्री ने आने वाले समय को बदलाव का दौर बताया. उन्होंने शुक्रवार को मनाए जाने वाले नौरोज के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह साल आपके लिए आजादी का साल साबित हो. नेतन्याहू ने आगे कहा कि मैं इस अवसर का उपयोग आप सभी के लिए उम्मीदों की एक नई शुरुआत की कामना करने के लिए करता हूं. उनके शब्दों में ईरानी जनता के लिए सहानुभूति साफ झलक रही थी जो वहां की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था से अलग एक बेहतर भविष्य का सपना देख रहे हैं. नेतन्याहू का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता का माहौल है.
कूटनीतिक रणनीति और जनता से संवाद
नेतन्याहू का यह संबोधन केवल एक बधाई संदेश नहीं बल्कि ईरान की सरकार पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति भी मानी जा रही है. ईरान और इजराइल के बीच जारी सीधे टकराव के दौरान जनता को ‘बहादुर’ कहकर संबोधित करना सीधे उनके दिल तक पहुंचने की कोशिश है. उन्होंने यह संदेश देकर दुनिया को यह भी दिखा दिया है कि वे सुरक्षित हैं और सक्रिय रूप से देश की कमान संभाल रहे हैं. इस संदेश के जरिए उन्होंने ईरान के लोगों को एक बेहतर और स्वतंत्र भविष्य का भरोसा दिलाने की कोशिश की है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ईरान की सरकार इस सीधे जन-संवाद पर किस तरह की प्रतिक्रिया देती है.
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