Ali Khamenei Assassination Plan: ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को हत्याकरने का प्लान इजरायल ने बनाया था, जिसके बारे में अमेरिका को भी बताया गया था। नवंबर 2025 में ही इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रक्षा मंत्रालय के साथ एक मीटिंग में खामेनेई को खात्मे का प्लान बना लिया था। नेतन्याहू ने ही ईरान पर हमला करने और खामेनेई को मारने की प्लानिंग के बारे में प्रेजेंटेशन के साथ अमेरिका को बताया था, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप ने सहमति दे दी थी।
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जनवरी 2026 में ही करना था हमला
इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज ने खामेनेई की हत्या की योजना का खुलाया किया है। उन्होंने बताया कि ईरान पर जनवरी महीने में ही हमला हो जाना था और खामेनेई का खात्मा हमला करने का मकसद था, लेकिन ईरान में हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू होने के कारण जनवरी में हमला नहीं किया जा सका। इस बीच अमेरिका से बातचीत हुई तो ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ तीसरी मीटिंग होने तक इंतजार करने को कहा। तीसरी मीटिंग फेल होते ही दोनों देशों ने मिलकर हमला कर दिया।
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सीक्रेट मीटिंग में प्लान बनाया गया था
काट्ज ने 5 मार्च 2026 को दिए इंटरव्यू में खुलासा किया है कि नवंबर 2025 में ही नेतन्याहू ने खामेनेई को मारने का फैसला कर लिया था। इसके लिए नेतन्याहू ने रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ एक सीक्रेट मीटिंग की थी। बैठक में साफ आदेश दिया गया था कि खामेनेई का खात्मा ही इजरायल का मकसद है। क्योंकि ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु प्रोग्राम इजरायल के लिए खतरा है, जिसे खत्म करने के लिए इजरायल ने खामेनेई को जान से मार देने का प्लान बनाया।
फरवरी के आखिरी दिन हमला किया
काट्ज ने बताया कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सिर्फ तारीख आगे बढ़ाई थी, बाकी हमले और हत्या का प्लान वही था। जब ईरान में विरोध प्रदर्शन थम गए, तब खामेनेई की रेकी करके अमेरिका को टारगेट दिया गया। प्लानिंग के अनुसार, पहले इजरायल की सेना ने हमला किया। इस बीच अमेरिका की सेना ने खामेनेई के ठिकाने को टारगेट बनाया। इससे पहले की खामेनेई छिपने की कोशिश करता, हमले में ढेर हो गया। वहीं ईरान पर हमले ने मिडिल ईस्ट में क्षेत्रीय युद्ध भी शुरू कर दिया है।